Ladwa News: टीबी मरीजों के लिए राहत की खबर, सीएचसी लाडवा में डिजिटल एक्स-रे के साथ हुआ ‘आभा’ आईडी का निर्माण
बिना रुके दवाई और सही पोषण से हारेगी टीबी, लाडवा स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों ने दिया मूलमंत्र
Ladwa News: हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और देश को टीबी मुक्त बनाने की कड़ी में सोमवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कांत के मार्गदर्शन और नवीन जिंदल फाउंडेशन के साझीदार प्रयासों से एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मूल उद्देश्य टीबी (क्षयरोग) से पीड़ित मरीजों को न केवल बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराना था, बल्कि समाज में इस बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना भी रहा।
‘डिफरेंशिएटेड टीबी केयर’ के तहत जांच, 120 मरीजों का हुआ डिजिटल एक्स-रे
शिविर के दौरान उपचाराधीन (On Treatment) मरीजों के लिए ‘डिफरेंशिएटेड टीबी केयर’ (Differentiated TB Care) प्रणाली को अपनाया गया, जिसके तहत हर मरीज की शारीरिक स्थिति के हिसाब से उसे चिकित्सकीय सुविधाएं दी गईं। आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को बढ़ावा देते हुए मौके पर ही मरीजों की ‘आभा’ (ABHA) आईडी बनाई गई और उनके बैंक खातों की सीडिंग (Account Seeding) का काम भी पूरा किया गया, ताकि सरकार द्वारा मिलने वाली वित्तीय पोषण सहायता सीधे उनके खातों में पहुंच सके। कैंप में पहुंचे करीब 120 मरीजों का मौके पर ही चेस्ट एक्स-रे किया गया और डॉक्टरों की विशेष टीम ने उनके स्वास्थ्य की गहन जांच की।
हौसले से हारेगी बीमारी: डॉ. कृष्ण कांत को मिला सम्मान
मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कांत ने कहा, “टीबी अब कोई डराने वाली या लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। अगर मरीज बिना किसी नागे के अपनी दवाइयों का कोर्स पूरा करे और खान-पान का ध्यान रखे, तो वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकता है।”
कार्यक्रम के समापन सत्र में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने और इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए नवीन जिंदल फाउंडेशन की ओर से डॉ. कृष्ण कांत को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की पीठ थपथपाते हुए भविष्य में भी ऐसे लोक-कल्याणकारी कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर चलने का भरोसा दिया।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों का रहा विशेष योगदान
इस पूरे आयोजन को अमलीजामा पहनाने और व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में नवीन जिंदल फाउंडेशन से हर्ष ग्रोवर, कंसलटेंट डॉ. प्रमोद, सिमरन (नर्स) के साथ-साथ जिला स्तर से आईं पीपीएम श्रीमती विजय पंजेता और एसटीएस विक्रम ने मुख्य भूमिका निभाई। इनके अलावा स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों और पैरामेडिकल स्टाफ की मुस्तैदी के चलते यह शिविर क्षेत्र के टीबी उन्मूलन प्रयासों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।
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