CJP Protest: जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी CJP का प्रदर्शन जारी, लाठीचार्ज के बाद RML अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका, मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
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CJP Protest: पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का आंदोलन मंगलवार को 32वें दिन में प्रवेश कर गया। दोपहर तक प्रदर्शन स्थल पर हजारों की संख्या में छात्र और समर्थक डटे रहे। सुबह जब पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था संभालने पहुंचा, तो पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले सोमवार की देर शाम पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुए बवाल के बाद जंतर-मंतर को खाली करा दिया था, लेकिन आंदोलनकारी देर रात फिर से वहां एकत्र हो गए।
इस बीच, कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने सुबह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों को नाश्ता वितरित किया। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि पुलिसिया कार्रवाई और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को देखते हुए फिलहाल संसद मार्च स्थगित रखा गया है, क्योंकि सरकार और पुलिस को छात्रों की परवाह नहीं है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पुलिस के रवैये के खिलाफ अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
संसद से अस्पताल तक घमासान: विपक्ष ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
सोमवार को हुए लाठीचार्ज में घायल छात्रों का हाल जानने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आरएमएल (RML) अस्पताल पहुंचे। प्रियंका गांधी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से युवा विरोधी है। उन्होंने पूर्व के उदाहरण देते हुए कहा कि पहले मंत्री किसी घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देते थे, इसलिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घायलों से मुलाकात की। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कई निर्दोष छात्रों को जेल भेजा गया है और उन पर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है। वहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि कई छात्रों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद शशि थरूर ने भी संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही।
एनडीए की बैठक में बोले पीएम मोदी: ‘पेपर लीक पर राजनीति बर्दाश्त नहीं’
संसद में जारी हंगामे के बीच एनडीए (NDA) संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस विषय पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और खड़गे ने मांग की है कि सरकार सदन के भीतर आकर यह स्पष्ट करे कि जेपी नड्डा और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या बातचीत हुई थी। विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
