Rohtak News Protest: रोहतक में सुपवा के छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के खिलाफ निकाला मार्च
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग: रोहतक में सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र
Rohtak News Protest: देशभर में लगातार उजागर हो रहे पेपर लीक मामलों, युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक कार्यकर्ताओं की धरपकड़ की गूंज अब हरियाणा के शैक्षणिक संस्थानों में साफ सुनाई देने लगी है। रोहतक स्थित पंडित दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (SUPVA) के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बुधवार को एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों और प्रशासनिक रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्र पूरी राह केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
‘लाठीचार्ज से नहीं दबेगी युवाओं की आवाज’, जंतर-मंतर की घटना पर आक्रोश
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर रोजगार और न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। छात्रों का कहना था कि एक ओर जहां परीक्षाओं की निष्पक्षता खत्म हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ जब पीड़ित छात्र सड़कों पर अपने संवैधानिक अधिकारों की आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं।
छात्र नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि युवाओं की जायज मांगों का जवाब पुलिस की लाठियों से देना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली को खोखला और नाकाम बताते हुए इसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया। सुपवा के छात्र समुदाय ने मांग की है कि इस पूरी नैतिक विफलता की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
इसके साथ ही, लद्दाख के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी शर्त के सम्मानपूर्वक रिहाई की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। छात्रों ने यह भी मांग रखी कि पेपर लीक और भर्ती धांधलियों से परेशान होकर आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाने वाले प्रतिभावान अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा तय की जाए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन, आर-पार की लड़ाई का ऐलान
सुपवा के छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन महज किसी एक परीक्षा या एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और साख से जुड़ा सवाल है। जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
छात्रों ने घोषणा की है कि वे जल्द ही रोहतक के उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से देश की महामहिम राष्ट्रपति को एक विस्तृत मांग पत्र भेजेंगे। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर कड़ा पेपर लीक रोधी कानून लागू करने, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की जाएगी।
यह भी पढ़ें– Hisar News: जन्नत बार में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, शीशे तोड़कर अंदर घुसे दमकलकर्मी
