Bhiwani News: जंतर-मंतर घटना के विरोध में भिवानी में निकला तिरंगा मार्च, दो छात्र नेता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
चंद्रशेखर चौक से सचिवालय तक प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Bhiwani News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने हक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर डटे छात्रों के साथ हुए घटनाक्रम की गूंज अब हरियाणा के जिलों में भी पुरजोर तरीके से सुनाई देने लगी है। बुधवार को भिवानी में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। शहर के चिड़ियाघर रोड स्थित चंद्रशेखर चौक से शुरू होकर लघु सचिवालय तक एक अनुशासित एवं विशाल ‘तिरंगा मार्च’ निकाला गया।
हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, छात्रों के सम्मान और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
“यह किसी पार्टी का नहीं, छात्रों के भविष्य का संघर्ष है”
लघु सचिवालय पहुंचने पर पूर्व छात्र नेता व समाजसेवी उमेश भारद्वाज और छात्र नेता मंजीत लांगयान ने दिल्ली के आंदोलित छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी और वहीं अनशन पर बैठ गए।
अंनशन स्थल से युवाओं को संबोधित करते हुए उमेश भारद्वाज ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा, “जब अपने बेहतर भविष्य और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे युवाओं के साथ कठोरता बरती जाती है, तो यह देश की लोकतांत्रिक आत्मा को चोट पहुंचाता है। समस्याओं का समाधान लाठी या दमन से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और संवाद से होना चाहिए।”
युवाओं में गहराता असंतोष, आर-पार के मूड में छात्र नेता
अनशन पर बैठे छात्र नेता मंजीत लांगयान ने कहा कि आज का युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की अनिश्चितता और रोजगार के संकट को लेकर गहराते तनाव में है। ऐसे नाजुक वक्त में उनकी वाजिब मांगों को सुनने के बजाय नजरअंदाज करना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूख हड़ताल केवल सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकल्प है कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता, यह संवैधानिक लड़ाई जारी रहेगी।
दोनों नेताओं ने दोटुक शब्दों में कहा कि जब तक दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं होता, उनकी यह नैतिक और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म नहीं होगी।
इस मौके पर एडवोकेट सुनीता गोलपुरिया, महेंद्र बिधनोई, आयुष बापोड़ा, साहिल वालिया, दीपक गुलिया, आशीष बवानी, इरफान खान, संदीप, आरके, कविता, पूजा, संजना, अंजलि, अक्षिता, अक्षरा और सुनीता समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें– Hisar News: जन्नत बार में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, शीशे तोड़कर अंदर घुसे दमकलकर्मी
