Dhand News: ढांड के सलीमपुर महदूद में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ रैली की धूम, गूंजे जागरूकता के नारे
'बेटी पढ़ेगी तभी बढ़ेगा देश', ढांड के गांव में निकली विशाल जागरूकता रैली
Dhand News: (नरेश ढांडा) ढांड। बाल विवाह, लिंग भेद और कन्या भ्रूण हत्या जैसी रूढ़िवादी सोच को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार ग्रामीण अंचलों में अलख जगा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को ढांड ब्लॉक के गांव सलीमपुर महदूद में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कंचन बाला के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस रैली में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और गांव की महिलाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
गलियों में गूंजे संदेश, ग्रामीणों का ध्यान खींचती दिखीं महिलाएं
रैली का शुभारंभ गांव के प्राथमिक केंद्र से हुआ, जिसके बाद आंगनबाड़ी वर्करों और ग्रामीण महिलाओं का काफिला गांव की विभिन्न गलियों और प्रमुख चौपालों से होकर गुजरा।
हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थामे महिलाओं ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “बेटी है तो कल है”, और “बेटी पढ़ेगी, तभी देश बढ़ेगा” जैसे गगनभेदी नारों के माध्यम से राहगीरों और ग्रामीणों को जागरूक किया। रैली के दौरान पूरे गांव का माहौल बेटियों के प्रोत्साहन और सम्मान के प्रति सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
“बेटियां बोझ नहीं, परिवार और समाज की अनमोल धरोहर हैं”
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सीडीपीओ कंचन बाला ने कहा कि आज के दौर में बेटियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। चाहे पढ़ाई का मैदान हो या खेलों की दुनिया, बेटियों ने हर जगह देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “कन्या भ्रूण हत्या जैसा महापाप समाज के माथे पर कलंक है। इसे मिटाने के लिए सिर्फ सरकारी योजनाएं काफी नहीं हैं, बल्कि हर नागरिक को अपनी सोच बदलनी होगी। अभिभावकों का यह फर्ज है कि वे बेटों की तरह ही बेटियों को भी उच्च शिक्षा के समान अवसर दें ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”
पंचायत और स्वास्थ्य विभाग का मिला पूर्ण सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की टीम की मुस्तैदी सराहनीय रही। इस मौके पर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर गीता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संतोष देवी व पिंकी रानी, एएनएम निर्मल देवी, आशा वर्कर सुमन, महिला पंच पूजा और डिंपल सहित गांव की दर्जनों महिलाओं ने हिस्सा लिया और बेटियों की सुरक्षा व सम्मान का संकल्प दोहराया।
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