Kaithal News: कैथल के जड़ौला गांव में सड़क की बदहाली पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने रेलवे और प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
रेलवे लाइन किनारे टूटी सड़क पर भड़का जनाक्रोश, ग्रामीण बोले—अब और इंतजार नहीं
Kaithal News: कैथल जिले के ढांड उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव जड़ौला में बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार बुधवार को टूट गया। गांव को करनाल-पेहवा रोड से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के साथ स्थित करीब 380 मीटर लंबी सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने जनप्रतिनिधियों, शासन और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और चेतावनी दी कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए।
हाईकोर्ट में दिया भरोसा भी साबित हुआ जुमला
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजत प्रदीप मैहला ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इस 380 मीटर सड़क के निर्माण और मरम्मत की गुहार को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारियों ने 31 जुलाई तक सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करने का लिखित भरोसा दिया था। लेकिन मियाद पूरी होने के नजदीक पहुंचने के बावजूद मौके पर एक कंकड़ी तक नहीं डाली गई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है।
गड्डों में तब्दील हुई सड़क, चोटिल हो रहे मासूम
अधिवक्ता रजत मैहला और ग्रामीणों ने दर्द बयान करते हुए कहा कि सड़क पर इतने गहरे गड्ढे बन चुके हैं कि यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। सबसे ज्यादा फजीहत स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। जलभराव और गड्ढों के चलते कई मासूम बच्चे साइकिल व पैदल जाते समय गिरकर घायल हो चुके हैं।
ब्लॉक समिति सदस्य परविंदर सिंह, आत्माराम, राम कुमार, राजेंद्र सिंह और कर्ण सिंह ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर हलका विधायक सतपाल जांबा और जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल के दर पर कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल कोरे आश्वासन ही हाथ लगे हैं।
अधिकारियों को अल्टीमेटम, रेलवे ने दिया पैचवर्क का दिलासा
प्रदर्शन में मौजूद चंद्रमोहन, कुलदीप मैहला, कर्म सिंह, रमेश कुमार, यशपाल, आदर्श मैहला, मुकेश कुमार, अंकुश मैहला और साहिल मैहला सहित अन्य ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि एक-दो दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं कराया गया, तो ग्रामीण बड़ा फैसला लेकर आंदोलन को व्यापक रूप देने पर मजबूर होंगे।
अधिकारियों का पक्ष: इस पूरे मामले पर कुरुक्षेत्र रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर नरेश कटारिया ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या विभागीय संज्ञान में है। फिलहाल आमजन को तात्कालिक राहत देने के लिए सड़क के गड्ढों को रोड़ी-बजरी से भरवाकर पैचवर्क कराया जा रहा है। जैसे ही उच्च स्तर से बजट और औपचारिक स्वीकृति मिलेगी, सड़क का पक्का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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