Jantar Mantar Protest: पेपर लीक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच बोले पीएम मोदी – केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बीच पीएम का बयान
Jantar Mantar Protest: देशभर में पेपर लीक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से चल रहे प्रदर्शन के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का असर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर भी पड़ा।
बुधवार रात करीब 8:30 बजे जंतर-मंतर के पास कनॉट प्लेस स्थित टॉल्स्टॉय मार्ग पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया।
16 मेट्रो स्टेशन बंद, शाम तक फिर शुरू हुई सेवाएं
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने गुरुवार सुबह 7:30 बजे से राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया था। इससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि हालात सामान्य होने के बाद शाम तक सभी मेट्रो स्टेशनों को दोबारा खोल दिया गया और सेवाएं बहाल कर दी गईं।
केंद्र सरकार ने एहतियात के तौर पर पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजने का आदेश दिया। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2000 जवानों को कोलकाता से एयरलिफ्ट कर राजधानी लाया गया ताकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जा सके। बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना बताया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी RAF के जवान के साथ मारपीट करते, वाहन पर पथराव करते और उसमें तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं ताकि जांच के दौरान साक्ष्य सुरक्षित रहें। अदालत के इस निर्देश के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच और जवाबदेही पर भी नजरें टिक गई हैं।
पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल क्यों अहम है
देश में अब तक पेपर लीक मामलों के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होने के कारण फैसले आने में लंबा समय लग जाता है। यदि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो जांच और सुनवाई की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जिससे दोषियों को जल्द सजा मिलने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को उनकी जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
