Sirsa News: दिल्ली लाठीचार्ज के बाद सिरसा में उबला गुस्सा, ताऊ देवीलाल पार्क में दिग्विजय चौटाला का अनिश्चितकालीन धरना
ताऊ देवीलाल पार्क में दिग्विजय चौटाला का अनिश्चितकालीन धरना
Sirsa News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज का असर अब हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में भी साफ दिखने लगा है। इस पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में सिरसा में ‘ का जंतर-मंतर’ नाम से अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत कर दी गई है। शहर के लाल बत्ती चौक स्थित ताऊ देवीलाल पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय चौटाला समर्थकों के साथ बुधवार रात से ही धरने पर जम गए हैं।
दिग्विजय चौटाला ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक छात्रों को इंसाफ नहीं मिलता, वे यहीं सोएंगे और यहीं से आंदोलन की कमान संभालेंगे। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सिरसा के आम नागरिकों, व्यापारियों, खिलाड़ियों, कॉलेज-यूनिवर्सिटी के छात्रों और सामाजिक संगठनों से इस लड़ाई में साथ आने का आह्वान किया है।
‘जालिम अंग्रेजों से भी बदतर बर्ताव, चुप बैठना गुलामी की निशानी’
मीडिया से मुखातिब होते हुए भावुक और आक्रामक अंदाज में दिग्विजय चौटाला ने कहा, “दिल्ली में हमारी बहन-बेटियों पर नुकीली लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लड़कियों के साथ अभद्रता की गई। मेरे घर में भी तीन साल की मासूम बेटी है, कल को जब वह पूछेगी कि जब देश की बेटियों पर जुल्म हो रहा था तो आप क्या कर रहे थे, तो मेरे पास क्या जवाब होगा? मैं गुलाम नहीं हूं, इसलिए चुप नहीं बैठ सकता।”
भाजपा सरकार के ‘राम राज्य’ के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए दिग्विजय ने कहा कि जिस दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी बहन को थप्पड़ मारा गया, उस दिन भगवान राम भी रो रहे होंगे। उन्होंने कहा कि निहत्थे युवाओं पर लाठियां भांजने वाले लोग भगवान राम के विचारों के सबसे बड़े विरोधी हैं और ये लोग राम राज्य की विरासत के हकदार कतई नहीं हो सकते।
रानियां विधायक अर्जुन चौटाला के बयान पर कसा तंज
इनेलो के रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा खुद को “पहला कॉकरोच विधायक” बताए जाने वाले बयान पर मचे सियासी घमासान पर भी दिग्विजय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। शुरुआत में किसी भी व्यक्तिगत छींटाकशी से बचते हुए उन्होंने कहा कि 20 तारीख को जब वे दिल्ली जंतर-मंतर गए थे तो वहां उन्होंने देश का बदलता हुआ चेहरा देखा, जिसने उनकी तमाम गलतफहमियां दूर कर दीं।
हालांकि, अर्जुन के बयान पर चुटकी लेते हुए दिग्विजय ने हंसते हुए कहा, “जैसा सवाल आप पूछ रहे हैं, उसे सुनकर मुझे भी बहुत चिंता हो रही है। आखिर हमारी पुरानी पार्टी (इनेलो) है, उसके प्रति मन में सहानुभूति तो सदैव बनी ही रहती है।” दिग्विजय ने दोहराया कि यह वक्त आपसी खिंचतान का नहीं, बल्कि जननायक चौधरी देवीलाल के पदचिन्हों पर चलते हुए शिक्षा और युवाओं के हक की लड़ाई लड़ने का है।
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