Sawan Special: सावन में घर पर बनाएं हलवाई जैसा जालीदार घेवर, बिना सांचे के पतिली में तैयार करने के 5 आसान स्टेप्स
सावन में घर पर बनाएं हलवाई जैसा जालीदार घेवर
Sawan Special: सावन की फुहारों के साथ ही भारतीय रसोई में पारंपरिक पकवानों की महक घुलने लगती है। हरियाली तीज हो या रक्षाबंधन, मिठाइयों की दुकान पर सजने वाला घेवर इस मौसम की सबसे खास पहचान है। सोने जैसी रंगत, चाशनी की भीनी मिठास और ऊपर से सजी मलाईदार रबड़ी का स्वाद हर किसी के मुंह में पानी ला देता है।
अक्सर महिलाओं को लगता है कि दुकानों पर मिलने वाला जालीदार घेवर सिर्फ विशेष सांचों (Moulds) और हलवाइयों के पास मौजूद संसाधनों से ही बन सकता है। लेकिन सच यह है कि आपकी रसोई में मौजूद साधारण सी पतिली या गहरे सॉसपैन में भी बिल्कुल वैसा ही हलवाई स्टाइल घेवर तैयार किया जा सकता है।
घेवर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री (Ingredients)
मैदा: 2 कप
देसी घी: 4 चम्मच (जमा हुआ)
बर्फ के टुकड़े: 4-5
ठंडा दूध: 1/2 कप
ठंडा पानी: 3 से 4 कप (एकदम चिल्ड)
नींबू का रस: 1 चम्मच
तलने के लिए: घी या रिफाइंड तेल
चाशनी के लिए: 1.5 कप चीनी और 1 कप पानी (1 तार की चाशनी)
5 आसान स्टेप्स में समझें घेवर बनाने की पूरी विधि
1. परफेक्ट बैटर (घोल) तैयार करना
घेवर में जाली पड़ने का पूरा दारोमदार उसके घोल पर टिका होता है। इसके लिए एक बड़े बर्तन या मिक्सी के जार में 4 चम्मच जमा हुआ देसी घी और बर्फ के टुकड़े डालें। इसे तब तक फेंटें जब तक कि घी का रंग सफेद न हो जाए और वह मक्खन जैसा क्रीमी न दिखने लगे।
अब इसमें ठंडा दूध मिलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके मैदा और बिल्कुल बर्फ जैसा ठंडा पानी डालते हुए बिना गुठलियों वाला एक बेहद पतला घोल तैयार कर लें। सबसे आखिर में 1 चम्मच नींबू का रस मिलाएं, यही नींबू घेवर में गजब का करारापन लाता है।
2. बर्तन और तेल के तापमान का संतुलन
सांचे की जगह भारी तले वाला गहरा सॉसपैन या छोटी पतिली लें। बर्तन को आधे से ज्यादा घी या तेल से भरकर तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म होने दें। याद रखें, तेल का बहुत तेज गर्म होना और बैटर का बर्फ जैसा ठंडा होना ही वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिससे घोल तेल में जाते ही छनछनाकर जाली का रूप लेता है।
3. धार बनाकर बैटर डालना (जाली बनाने का राज़)
बैटर को किसी सॉस की बोतल या गहरी कलछी में भरें। अब काफी ऊंचाई से पतली धार बनाते हुए बैटर को खौलते तेल के ठीक बीचों-बीच गिराएं। जैसे ही ठंडा बैटर गर्म तेल में जाएगा, तेज झाग उठेगा।
जब झाग थोड़ा शांत हो जाए, तब किसी बेलन या पतली लकड़ी से बीच में एक छोटा सा छेद (जगह) बना लें। इसी छेद में फिर से थोड़ा बैटर ऊंचाई से गिराएं। यही प्रक्रिया आपको 10 से 12 बार दोहरानी है।
4. सुनहरा और क्रिस्पी सेंकना
धीमी-धीमी आंच पर पकते हुए जब घेवर किनारे छोड़ने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तो बेलन की मदद से उसे बहुत हल्के से दबाकर ऊपर की तरफ से भी गर्म तेल में डुबो दें। जब घेवर पूरी तरह क्रिस्पी और गोल्डन हो जाए, तो लकड़ी या बेलन के सहारे उसे सावधानी से उठाकर जालीदार स्टैंड पर रख दें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
5. चाशनी और गार्निशिंग
एक तार की गर्म चाशनी तैयार करें और घेवर के ऊपर चम्मच की मदद से धीरे-धीरे डालें ताकि उसकी हर जाली मीठी चाशनी को सोख ले। चाशनी के ऊपर पकी हुई गाढ़ी रबड़ी की परत फैलाएं और कटे हुए बादाम, पिस्ता व केसर क पत्तियों से सजाकर सर्व करें।
मास्टर शेफ टिप: घेवर बनाते समय पानी और दूध हमेशा बर्फ जैसा ठंडा ही इस्तेमाल करें। यदि तलने की प्रक्रिया के दौरान बैटर रूम टेम्परेचर पर आने लगे या गर्म हो जाए, तो बैटर वाले बर्तन को किसी बड़े कटोरे में बर्फ रखकर उसके ऊपर रख दें।
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