July 23, 2026

Japanese Towel Method: ऑफिस सिटिंग से अकड़ गए हैं कूल्हे और रीढ़ की हड्डी? बस 5 मिनट का यह तौलिया नुस्खा देगा राहत

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Japanese Towel Method: ऑफिस सिटिंग से अकड़ गए हैं कूल्हे और रीढ़ की हड्डी? बस 5 मिनट का यह तौलिया नुस्खा देगा राहत

कमर दर्द दूर करने की आसान जापानी तकनीक, डॉक्टर से जानें सही तरीका

Japanese Towel Method: आजकल हमारी जीवनशैली और दफ्तर में काम करने का ढर्रा पूरी तरह बदल चुका है। मॉडर्न कॉर्पोरेट कल्चर में दिन का एक बड़ा हिस्सा—लगभग 8 से 10 घंटे—कंप्यूटर स्क्रीन के सामने कुर्सी पर चिपके हुए ही बीतता है। लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने की यह मजबूरी हमारी सेहत पर भारी पड़ रही है। नतीजतन, कमर के निचले हिस्से में भीषण दर्द (Lower Back Pain), कूल्हों में भारी जकड़न, कंधों का खिंचाव और रीढ़ की हड्डी की अकड़न अब आम बात बन गई है। चिंता की बात यह है कि यह समस्या अब बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 20 से 35 साल के युवा नौकरीपेशा लोग भी इससे बुरी तरह जूझ रहे हैं।

यदि आप भी दफ्तर से घर लौटने के बाद लोअर बैक पेन से परेशान रहते हैं और बिना किसी पेनकिलर के तुरंत आराम पाना चाहते हैं, तो एक बेहद आसान जापानी तकनीक आपके काम आ सकती है। प्रसिद्ध दर्द विशेषज्ञ और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. कुनाल सूद ने हाल ही में सोशल मीडिया पर “जापानी टॉवल मेथड” (Japanese Towel Method) के फायदों के बारे में जानकारी साझा की है। उनका कहना है कि यह तरीका जकड़ी हुई कमर और कूल्हों के दर्द से अस्थायी लेकिन बहुत तेज राहत दिलाने में असरदार साबित होता है।

कैसे काम करता है जापानी टॉवल मेथड?

इस तकनीक को आजमाने के लिए आपको किसी महंगे जिम इक्विपमेंट या फिजियोथेरेपी टूल की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। इसे घर पर ही एक साधारण तौलिए की मदद से किया जा सकता है:

तौलिया रोल करें: सबसे पहले एक साफ तौलिया (Towel) लें और उसे कसकर बेलन या सिलेंडर के आकार में रोल कर लें।

सही पोजीशन: फर्श या योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब इस रोल किए हुए तौलिए को अपनी कमर के निचले हिस्से (Lower Back) यानी नाभि के ठीक पीछे वाले हिस्से के नीचे लगा लें।

शरीर को ढीला छोड़ें: इस स्थिति में सीधे पैर फैलाकर लेट जाएं और अपने पूरे शरीर को ढीला और रिलैक्स छोड़ दें।

जब आप इस पोजीशन में लेटते हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी हल्के से पीछे की ओर स्ट्रेच होती है। दिनभर झुककर बैठने से कमर और कूल्हे की मांसपेशियां जिस मुड़ी हुई स्थिति में जमा हो जाती हैं, यह हल्का स्ट्रेच उन्हें विपरीत दिशा में मोड़कर उनका खिंचाव तुरंत रिलीज कर देता है।

शुरुआत में बरतें यह सावधानी, जानिए कब तुरंत रुकना है

डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि यह कोई जादुई चमत्कार या कमर दर्द का स्थायी इलाज नहीं है। इससे न तो रातों-रात पेट की चर्बी कम होती है और न ही रीढ़ की हड्डी का ढांचा हमेशा के लिए बदल जाता है। यह सिर्फ मांसपेशियों की ऐंठन और तनाव को कम कर शरीर को दोबारा फ्लेक्सिबल बनाने का एक जरिया है।

अगर आप इसे पहली बार आजमा रहे हैं, तो बड़े तौलिए के बजाय छोटे तौलिए का रोल बनाएं और शुरुआत में सिर्फ 2 से 3 मिनट के लिए ही इस स्थिति में रहें।

जरूरी चेतावनी: यदि इस स्ट्रेच के दौरान आपको तेज दर्द महसूस हो, पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन आए, अथवा दर्द कमर से सरककर पैर के निचले हिस्से तक जाने लगे, तो तुरंत रुक जाएं। यह साइटिका या डिस्क से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में बिना डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के कोई भी स्ट्रेच न करें।

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