Narnaul News: जंतर-मंतर लाठीचार्ज का नारनौल में विरोध, राव दान सिंह के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, ADC को सौंपा ज्ञापन
राव दान सिंह के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, ADC को सौंपा ज्ञापन
Narnaul News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अमानवीय तरीके से की गई गिरफ्तारी का विरोध अब हरियाणा की सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को नारनौल में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने सरकार की नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) राव दान सिंह की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंचकर अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) तरुण कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह शहर की चितवन वाटिका से हुई, जहां जिलेभर से आए कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट हुए।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार: राव दान सिंह
चितवन वाटिका में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सीपीएस राव दान सिंह ने केंद्र व हरियाणा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक हादसों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे करोड़ों युवाओं के विश्वास को पूरी तरह से तोड़ दिया है। वर्षों की कठिन मेहनत के बाद जब युवा परीक्षा देने बैठते हैं, तो उन्हें धांधली और पर्चा लीक की खबर मिलती है।
राव दान सिंह ने कहा, “किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और युवाओं का भरोसा बचाना होता है, लेकिन वर्तमान सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। जब अपने हक के लिए युवा सड़कों पर उतरते हैं, तो उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां भांजी जा रही हैं।”
‘विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत’
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पूर्व सीपीएस ने कहा कि जंतर-मंतर पर जिस तरह से राहुल गांधी के साथ पुलिस ने व्यवहार किया और उन्हें हिरासत में लिया, वह हमारी संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है। सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एफआईआर रद्द करने की मांग
इस दौरान कांग्रेस नेता अक्षत राव, चंद्रप्रकाश एडवोकेट और पूर्व जज राकेश यादव ने भी जनसभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने संयुक्त रूप से मांग उठाई कि नीट (NEET) व अन्य पेपर लीक मामलों के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं पर दर्ज किए गए सभी झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं। साथ ही, अगर प्रदर्शन के दौरान निर्दोष युवाओं पर अत्यधिक बल प्रयोग या ज्यादती हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
चितवन वाटिका में सभा के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर मार्च किया। इस मौके पर सुरेंद्र नंबरदार, शुभम शर्मा, सत्यपाल दहिया, सोनू कौशिक, सुरेंद्र पटवा, जसवंत सहरावत, सरजीत नंबरदार, अभिनव, राजू जाट, रविंद्र नूनीवाल, बलदेव चहल, रमेश कुमार और अतेंद्र सरपंच समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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