Haryana Weather: हरियाणा में थम गई मानसून की रफ्तार, 25 जुलाई तक 24 फीसदी कम बरसे बदरा
हरियाणा में 24% कम बरसा मानसून
Haryana Weather: हरियाणा में सावन के महीने के बीच मानसून की सुस्त चाल ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 1 जून से 25 जुलाई के बीच प्रदेशभर में औसतन 132.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य आंकड़ा 175.4 मिलीमीटर होना चाहिए था। कुरुक्षेत्र, पंचकूला और हिसार समेत प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है, जिसके कारण लोग भीषण उमस का सामना कर रहे हैं।
राजस्थान की तरफ खिसकी टर्फ लाइन, एनसीआर में थमी बारिश
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मानसूनी टर्फ और अन्य अनुकूल मौसम प्रणालियां राजस्थान की ओर अधिक सक्रिय रहीं। इस वजह से हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में केवल छिटपुट बौछारें ही पड़ीं। हवा में नमी का स्तर ज्यादा रहने और तेज धूप निकलने से पूरे प्रदेश में उमस भरी गर्मी का असर बढ़ गया है।
फरीदाबाद में झमाझम तो जींद और सिरसा में सूखा
प्रदेश के बारिश आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। फरीदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 271 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक है। इसके विपरीत जींद में 65 प्रतिशत, सिरसा में 61 प्रतिशत, पंचकूला में 49 प्रतिशत, कैथल में 46 प्रतिशत और हिसार में 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, पलवल, रेवाड़ी और यमुनानगर में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहने के बावजूद ये जिले सामान्य श्रेणी में बने हुए हैं।
28 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की मानें तो कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा। 28 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी टर्फ के पुनः सक्रिय होने की प्रबल संभावना बन रही है। इसके प्रभाव से हरियाणा के उत्तरी और दक्षिणी-पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से बड़ी राहत मिलेगी।
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