Narnaul News: नारनौल DAV पुलिस पब्लिक स्कूल में डेंगू-मलेरिया जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य टीम ने दिए बचाव के खास टिप्स
डेंगू से बचना है तो रखें ये सावधानियां! नारनौल के डीएवी स्कूल में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
Narnaul News: मानसून और बदलते मौसम के साथ ही पनपने वाली वेक्टर जनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया) पर प्रभावी रोकथाम लगाने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सिविल अस्पताल नारनौल की एक विशेष स्वास्थ्य टीम ने पुलिस लाइन स्थित डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल का दौरा किया और विद्यार्थियों को साफ-सफाई तथा मच्छरों के पनपने से रोकने के तरीकों के प्रति जागरूक किया।
इस जागरूकता अभियान में हेल्थ इंस्पेक्टर (HI) जितेंद्र कुमार के साथ बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPHW) महेश कुमार, मनोज कुमार और अजय कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
थोड़ी सी सतर्कता से टल सकता है बड़ा खतरा
स्वास्थ्य टीम के सदस्यों ने स्कूली बच्चों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि थोड़ी सी जागरूकता और व्यक्तिगत सावधानी से इनसे आसानी से बचा जा सकता है।
हेल्थ इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि मच्छर का लार्वा साफ पानी में ही पनपता है। ऐसे में घरों के आसपास पानी न रुकने दें और यदि कोई गड्ढा है तो उसे मिट्टी से भर दें। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि अपने घरों में लगे कूलर, हौदी और पानी के अन्य बर्तनों को सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली कर कपड़े से रगड़कर साफ करें और सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें और बुखार आने पर न बरतें ढिलाई
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बचाव के कई व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर मजबूती से बंद रखें। मच्छरों के काटने से सुरक्षित रहने के लिए पूरी बाजू के वस्त्र पहनें, शरीर को ढककर रखें और जरूरत पड़ने पर मच्छर रोधी क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें।
इसके साथ ही, डॉक्टरों ने हिदायत दी कि किसी भी तरह का बुखार आने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें और रक्त की जांच करवाएं।
बच्चे बनेंगे ‘हेल्थ एंबेसडर’, घर-परिवार को करेंगे जागरूक
अभियान के अंत में स्वास्थ्य टीम ने बच्चों से अपील की कि वे स्कूल में सीखी गई इन बातों को सिर्फ अपने तक सीमित न रखें। वे अपने घर, पड़ोस और रिश्तेदारों को भी इसके प्रति जागरूक करें। यदि हर नागरिक हफ्ते में एक दिन ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाएगा, तो समाज को डेंगू और मलेरिया मुक्त बनाना बेहद आसान हो जाएगा। इस अवसर पर स्कूल का स्टाफ और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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