July 28, 2026

Punjab Roadways Strike: पंजाब में 3 से 5 अगस्त तक सरकारी बसें बंद, रोडवेज यूनियन ने किया चक्का जाम का ऐलान

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Punjab Roadways Strike: पंजाब में 3 से 5 अगस्त तक सरकारी बसें बंद, रोडवेज यूनियन ने किया चक्का जाम का ऐलान

रोडवेज यूनियन ने किया चक्का जाम का ऐलान

Punjab Roadways Strike: पंजाब में सरकारी बस सेवाएं एक बार फिर प्रभावित हो सकती हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार पर कर्मचारियों और परिवहन विभाग की लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए 3, 4 और 5 अगस्त को राज्यव्यापी तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल और चक्का जाम का ऐलान किया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सोमवार को राज्य के सभी 27 सरकारी बस डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन और गेट रैलियां आयोजित की गईं। पठानकोट डिपो में हुए प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने सरकार की परिवहन नीतियों और विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर विरोध जताया।

 

सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप

पठानकोट में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के संयुक्त सचिव विजय कुमार ने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। उनका आरोप है कि चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद किसी भी कर्मचारी को स्थायी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ करीब 70 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनाई गई सब-कमेटी भी अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं दे सकी। यूनियन ने ईपीएफ और ईएसआई से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए।

 

800 से अधिक बसें कंडम, 400 बसें डिपो में खड़ी होने का दावा

यूनियन के डिपो संरक्षक दविंदर सिंह लाली ने दावा किया कि सरकार के मौजूदा कार्यकाल में करीब 800 सरकारी बसें कंडम हो चुकी हैं। इनमें केवल पठानकोट डिपो की करीब 25 बसें शामिल हैं। उनका आरोप है कि इस दौरान सरकारी बेड़े में एक भी नई बस शामिल नहीं की गई। यूनियन के अनुसार स्पेयर पार्ट्स, टायर और बैटरियों की कमी के कारण लगभग 400 सामान्य बसें और 35 वोल्वो बसें डिपो में खड़ी हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई रूट प्रभावित हो रहे हैं।

 

प्राइवेट बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने का आरोप

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी बसों को जानबूझकर खड़ा रखकर किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि टाइम-टेबल में बदलाव कर परिवहन विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए यूनियन ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

 

10 दिन की समय सीमा खत्म, आंदोलन हुआ तेज

यूनियन के जनरल सचिव जुगराज सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि 24 जून को सरकार के साथ हुई बैठक में 10 दिन के भीतर कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का ड्राफ्ट तैयार करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की समय सीमा तीन वर्ष करने का आश्वासन दिया गया था। यूनियन का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया। इसी वजह से आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर तेज करने का निर्णय लिया गया है।

 

CM और परिवहन मंत्री के आवास का घेराव, भूख हड़ताल भी होगी

यूनियन नेताओं जोगिंदर पाल लवली और दिलबाग सिंह ने कहा कि 3, 4 और 5 अगस्त को पंजाब भर में पूर्ण हड़ताल और चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के आवास के बाहर धरना दिया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल की जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर किसी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई हुई तो विरोध को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।

यात्रियों पर पड़ सकता है व्यापक असर

यदि प्रस्तावित हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होती है तो पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बस सेवाएं तीन दिनों तक बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकती हैं। इससे रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले हजारों यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ सकता है।

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