Nangal Chaudhry Logistic Hub: नई दिल्ली में हरियाणा भवन में हुई समीक्षा बैठक, अमित अग्रवाल ने दिए कड़े निर्देश
PPP मॉडल पर बनेगा नांगल चौधरी का लॉजिस्टिक हब, बदलेगा उत्तर भारत का व्यापारिक परिदृश्य
Nangal Chaudhry Logistic Hub: महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में आकार ले रही महत्वाकांक्षी ‘इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब’ (आईएमएलएच) परियोजना के क्रियान्वयन को और अधिक गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कसरत तेज हो गई है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत इस मेगा प्रोजेक्ट के त्वरित विकास, सुचारू संचालन और रखरखाव की अंतिम रूपरेखा तैयार करना रहा।
पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण और संचालन
बैठक के दौरान आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि नांगल चौधरी में बनने वाला यह लॉजिस्टिक हब हरियाणा और पूरे उत्तर भारत के व्यापारिक परिदृश्य को बदलकर रख देगा। इस परियोजना का निष्पादन ‘हरियाणा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है।
इसे डीबीएफओ यानी ‘डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट’ मॉडल के तहत निजी क्षेत्र के सहयोग से तैयार किया जाएगा। बैठक में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान और नारनौल के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) अनिरुद्ध यादव ने परियोजना स्थल पर अब तक हुए कार्यों की वर्तमान स्थिति और भौतिक प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बुनियादी ढांचा क्षेत्र की नामी कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
परियोजना को बिना किसी बाधा के और वैश्विक मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से उद्योग जगत के विशेषज्ञों से रणनीतिक विचार और सुझाव मांगे गए। बैठक में देश-विदेश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष रूप से टाटा समूह, सीमेंस, केईसी इंटरनेशनल, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और डीआरए इंफ्राकॉन जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस मेगा प्रोजेक्ट में गहरी रुचि दिखाई और अपने बहुमूल्य तकनीकी सुझाव साझा किए।
उत्तर भारत के लॉजिस्टिक्स का नया केंद्र बनेगा नांगल चौधरी
आयुक्त अमित कुमार अग्रवाल ने बैठक में शामिल हुए सभी हितधारकों और कंपनी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र से प्राप्त फीडबैक और सुझाव इस ऐतिहासिक परियोजना की अंतिम क्रियान्वयन नीति बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस लॉजिस्टिक हब के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद न केवल माल ढुलाई आसान और सस्ती होगी, बल्कि दक्षिण हरियाणा में रोजगार और नए उद्योगों के नए द्वार भी खुलेंगे।
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