Narnaul News: नारनौल में सिर्फ 1550 रुपये में पक्का करें पानी-सीवर कनेक्शन, रोड कटिंग चार्ज हुआ माफ!
1550 रुपए फीस जमा करवाओ, अपने कनेक्शन को वैध बनाओ शहरी क्षेत्र में विशेष जल संरक्षण अभियान शुरू, रोड कट चार्ज माफ।
Narnaul News: नारनौल शहर में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में बिना मंजूरी चल रहे पानी और सीवर के अवैध कनेक्शनों को वैध (रेगुलर) कराने के लिए विभाग की ओर से एक विशेष राहत अभियान की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए रोड कटिंग चार्ज पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब शहरवासी महज 1550 रुपये की तय फीस जमा करवाकर अपने कनेक्शनों को वैध करा सकते हैं।
विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शहरी उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह अंतिम मौका दिया जा रहा है। मात्र 1550 रुपये शुल्क के अलावा उपभोक्ता को सिर्फ प्लंबर रिपोर्ट और वाटर मीटर लगवाने का खर्च स्वयं उठाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनेक्शन वैध कराने से जुड़ी फाइल और प्रक्रिया संबंधी जरूरी जानकारी निजामपुर रोड स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बिल शाखा कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जमा कराना होगा अनिवार्य
जरूरी कागजात:
दो पासपोर्ट साइज फोटो
दो पहचान पत्र (फैमिली आईडी एवं आधार कार्ड)
मकान की जीपीएस (GPS) लोकेशन के साथ फोटो
मालिकाना हक का सबूत (रजिस्ट्री या इंतकाल की प्रति)
जांच के लिए बनीं टीमें, नहीं माना तो होगी सख्त कार्रवाई
कार्यकारी अभियंता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस राहत अवधि के दौरान भी जो लोग अपने कनेक्शन वैध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ विभाग सख्त कदम उठाएगा। ऐसे मकानों और प्रतिष्ठानों के अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे, जुर्माना ठोका जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए शहर में विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं, जो घर-घर जाकर कनेक्शनों की औचक जांच करेंगी। सीवर व्यवस्था के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते अपने कनेक्शन वैध कराएं।
पानी की बर्बादी रोकें और शुद्ध पेयजल पाएं
जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने कहा कि यह केवल कनेक्शन वैध करने की मुहिम नहीं है, बल्कि इसके पीछे जल संरक्षण का बड़ा उद्देश्य छिपा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से नलों पर वाल्व या टोंटी लगाने तथा पानी को व्यर्थ बहने से रोकने की अपील की। मानसून के मौसम को देखते हुए उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा घरों तक सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन की नियमित जांच कराई जा रही है ताकि दूषित जल से बीमारियों का खतरा न रहे। यदि कहीं पाइपलाइन में लीकेज या गंदे पानी की सप्लाई दिखे, तो उपभोक्ता तुरंत विभाग को सूचित कर सकते हैं। नागरिक अपनी पेयजल व सीवर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5678 पर संपर्क कर सकते हैं।
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