Chandigarh News: रेलवे स्टेशन के बाहर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार, संयुक्त सर्वे के बाद बनी कार्ययोजना
रेलवे स्टेशन के बाहर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार
Chandigarh News: रेलवे स्टेशन के बाहर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को रेलवे के अंबाला मंडल और चंडीगढ़ रोड सेफ्टी सोसायटी (सीआरएसएस) के विशेषज्ञों के साथ संयुक्त सर्वे कर स्टेशन के आसपास की ट्रैफिक व्यवस्था का आकलन किया। सर्वे के बाद जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों वाली कार्ययोजना तैयार की गई है। रविवार को ही शहर के सांसद मनीष तिवारी ने रेलवे स्टेशन के बाहर बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा था कि मध्य मार्ग से रेलवे स्टेशन तक महज एक किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसना पड़ रहा है, जिससे कई लोग अपनी ट्रेन तक नहीं पकड़ सके। सांसद ने रेल मंत्रालय, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और चंडीगढ़ पुलिस से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी। इस मुद्दे को उठाने के महज अगले ही दिन सोमवार को प्रशासन हरकत में आया और रेलवे अधिकारियों व चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के साथ संयुक्त सर्वे कर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कार्ययोजना जारी कर दी।
संयुक्त निरीक्षण में सामने आया कि स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीटीयू बसों की आवाजाही, टैक्सियों का अनधिकृत ठहराव, ऑटो-रिक्शा की अव्यवस्थित पिक-अप एवं ड्रॉप व्यवस्था तथा अवैध पार्किंग ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी वजह हैं। ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय यही अव्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है। नई योजना के तहत सीटीयू बस स्टॉप को पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बसें समानांतर कतार में रुकें और अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। रेलवे लाइट प्वाइंट के पास बसों के यू-टर्न को करीब 100 मीटर आगे शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिससे बसों को पर्याप्त टर्निंग स्पेस मिले और ट्रैफिक सिग्नल पर दबाव कम हो। इसके अलावा रेलवे स्टेशन के एग्जिट से आगे बस स्टॉप स्थानांतरित करने के विकल्प पर भी संबंधित विभागों के साथ चर्चा होगी।
योजना में स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने टैक्सियों के अनधिकृत ठहराव पर पूरी तरह रोक लगाने, ऑटो-रिक्शा के लिए अलग पिक-अप और ड्रॉप जोन विकसित करने तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है। इन व्यवस्थाओं को लागू कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती भी की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि रेलवे प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इन प्रस्तावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी, यात्रियों का समय बचेगा और पूरे क्षेत्र में यातायात पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सुचारु हो सकेगा।
अजमेर वंदे भारत के यात्रियों के लिए पंचकूला रूट की सलाह
संयुक्त सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि दोपहर के समय वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के दौरान रेलवे स्टेशन पर वाहनों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ जाता है, जिससे मुख्य प्रवेश मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर-6 से संचालित अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों को, जहां तक संभव हो, पंचकूला की ओर से रेलवे स्टेशन पहुंचने की सलाह दी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
