Chandigarh News: चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 41 वेंडिंग जोन तय, अब तय जगहों पर ही लगेगी रेहड़ी, समय सीमा भी तय
चंडीगढ़ रेहड़ी-फड़ी कारोबार
Chandigarh News: चंडीगढ़ में रेहड़ी-फड़ी कारोबार को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है। अब शहर के स्ट्रीट वेंडर्स केवल 41 निर्धारित वेंडिंग जोन में ही अपना कारोबार कर सकेंगे। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लागू की गई है, ताकि प्रमुख बाजारों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती अव्यवस्था, ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके। नगर निगम ने वेंडर्स के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक कारोबार का समय निर्धारित किया है। इन वेंडिंग जोन में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी की गई है। साथ ही वेंडर्स की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए 9056937103 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
सेक्टर-22, सेक्टर-19 और मनीमाजरा में बढ़ी थीं समस्याएं
पिछले कुछ वर्षों में सेक्टर-22, सेक्टर-19, मनीमाजरा और अन्य प्रमुख बाजारों में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की संख्या लगातार बढ़ी। कई जगहों पर फुटपाथ और सड़क के हिस्से तक घिर गए, जिससे पैदल चलने वालों, वाहन चालकों और दुकानदारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने नगर निगम से लगातार शिकायतें कीं। उनका कहना था कि अनियंत्रित तरीके से लग रही रेहड़ियों के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मामला बढ़ने पर यह विवाद अदालत तक पहुंच गया।
2018 के नियम फिर लागू, कोरोना काल की छूट समाप्त
नगर निगम ने वर्ष 2018 में स्पष्ट नियम बनाए थे कि स्ट्रीट वेंडर्स केवल अधिकृत वेंडिंग जोन में ही कारोबार करेंगे। हालांकि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए फल, सब्जी और खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडर्स को शहर के विभिन्न हिस्सों में अस्थायी रूप से कारोबार करने की अनुमति दी गई थी। महामारी समाप्त होने के बाद भी यह व्यवस्था लंबे समय तक जारी रही। इसके कारण बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास बड़ी संख्या में रेहड़ियां लगने लगीं, जिससे अतिक्रमण और यातायात की समस्याएं बढ़ती चली गईं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
जुलाई में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने कोरोना काल के दौरान दी गई अस्थायी छूट समाप्त करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडर्स को वर्ष 2018 की नीति के अनुसार केवल निर्धारित वेंडिंग जोन में ही कारोबार करना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद नगर निगम और चंडीगढ़ पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया। अवैध स्थानों पर रेहड़ी लगाने वालों के चालान काटे जा रहे हैं, सामान जब्त किया जा रहा है और कार्रवाई की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारी बॉडी कैमरे पहनकर अभियान चला रहे हैं।
लॉटरी से मिली नई साइटें, कई वेंडर्स ने जताई नाराजगी
नगर निगम ने जुलाई 2026 में ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए करीब 500 स्ट्रीट वेंडर्स को नई वेंडिंग साइटें आवंटित कीं। इसका उद्देश्य सभी पात्र वेंडर्स को वैध स्थान उपलब्ध कराना था, ताकि वे निर्धारित नियमों के तहत अपना व्यवसाय चला सकें। हालांकि कई वेंडर्स ने नई साइटों का विरोध किया है। उनका कहना है कि वर्षों से सेक्टर-22 जैसे व्यस्त बाजारों में कारोबार करने वाले लोगों को आईटी पार्क और सेक्टर-53 जैसे अपेक्षाकृत दूर क्षेत्रों में स्थान दिया गया है, जहां ग्राहकों की संख्या कम होने से उनकी आय प्रभावित हो सकती है।
व्यापार मंडल ने भी जताई चिंता
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने प्रशासन के सामने बाजारों के नजदीक प्रस्तावित 11 नए वेंडिंग जोन पर आपत्ति दर्ज कराई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बाजारों के बिल्कुल पास नए जोन बनाए गए तो ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ की समस्या फिर बढ़ सकती है। दूसरी ओर नगर निगम का कहना है कि निर्धारित वेंडिंग जोन व्यवस्था से स्ट्रीट वेंडर्स को वैध स्थान मिलेगा, आम लोगों की आवाजाही आसान होगी और शहर में अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था का असर शहर के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई देने की उम्मीद है।
