Mahendragarh Jyoti News: ककराला की बेटी ज्योति के परिवार के साथ खड़ी हुई पंजाब यूनिवर्सिटी, नौकरी और आर्थिक मदद का आदेश जारी
28 जुलाई को वीसी ने दी मंजूरी: महेंद्रगढ़ की होनहार बेटी ज्योति के परिजनों को राहत देगा पीयू प्रशासन
Mahendragarh Jyoti News: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU), चंडीगढ़ में बीते दिनों हादसे का शिकार हुई माइक्रोबायोलॉजी विभाग की मेधावी रिसर्च स्कॉलर ज्योति के परिजनों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। 28 जुलाई 2026 को कुलपति (VC) की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद पीयू प्रशासन ने दिवंगत छात्रा के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने और एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने के आदेश जारी कर दिए हैं।
यूनिवर्सिटी के इस कदम से महेंद्रगढ़ जिले के ककराला गांव में रह रहे पीड़िता के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को इस बेहद दुखद घड़ी में थोड़ा सहारा जरूर मिलेगा।
भाई को मिलेगी इलेक्ट्रीशियन की नौकरी
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, दिवंगत छात्रा ज्योति के भाई ने 10+2 की पढ़ाई के बाद आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) का डिप्लोमा हासिल किया है। उनकी इसी शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें नियमानुसार पंजाब यूनिवर्सिटी में ही इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक औपचारिकताओं और कागजी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कराकर जल्द ही नियुक्ति पत्र सौंप दिया जाएगा।
16 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा
नौकरी के अलावा, पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ज्योति के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये की वित्तीय राहत राशि देने की भी आधिकारिक पुष्टि की है। इस सहायता राशि को दो अलग-अलग मदों से जारी किया जाएगा:
5 लाख रुपये: पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति के विवेकाधीन कोष (Vice Chancellor’s Discretionary Fund) से दिए जाएंगे।
11 लाख रुपये: डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय के माध्यम से पीड़ित परिवार को सौंपे जाएंगे।
कठिन समय में परिवार का हाथ थामने का प्रयास
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने जारी आदेश में कहा है कि एक होनहार शोध छात्रा को खोने का गम कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन यह फैसला दिवंगत छात्रा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करने और इस कठिन समय में उन्हें सहयोग देने की मंशा से लिया गया है। इस आदेश पर पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और कुलपति दोनों की आधिकारिक मंजूरी दर्ज हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि महेंद्रगढ़ के एक साधारण बस चालक की बेटी ज्योति की असमय मौत के बाद से ही छात्र संगठन और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और आश्रित को नौकरी देने की मांग उठा रहे थे।
