नीट प्रश्नपत्र लीक मामला: त्वरित अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर लिया
NEET Paper Leak Case: परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य कदाचार से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित त्वरित अदालत ने बुधवार को नीट प्रश्नपत्र मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल आरोप पत्र को रिकॉर्ड पर लिया। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने 13 आरोपियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की ओर से दाखिल अंतिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया और अनुलग्नक दाखिल करने के लिए समय दिया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि करीब 20,000 पन्नों के अनुलग्नक को स्कैन करने का कार्य किया जा रहा है और उन्हें तीन दिन बाद जमा किया जाएगा। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त तक स्थगित कर दी।
सूत्रों ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद वकील वी.के. पाठक और अर्जुन आनंद को इस मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को सीबीआई ने चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इस साल तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इन आरोपियों में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े तीन विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोग, बिचौलिए और इस लीक कांड का लाभ प्राप्त करने वाले कुछ अभ्यर्थी शामिल हैं।
सीबीआई ने विशेष त्वरित अदालत में दाखिल आरोप पत्र में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार और लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के तहत अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)के तहत आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य मिटाने और अन्य आरोप लगाए हैं।
