PU student death case: आज होगा मृतका का पोस्टमार्टम, परिवार और यूनिवर्सिटी प्रशासन में बनी सहमति
आज होगा मृतका का पोस्टमार्टम
PU student death case: चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से जान गंवाने वाली पीएचडी स्कॉलर ज्योति का बुधवार को सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (जीएमएसएच-16) में पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम को लेकर मंगलवार देर रात तक यूनिवर्सिटी प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत चली। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए अपनी अनुमति दे दी। पुलिस ने भी अस्पताल प्रशासन को पत्र भेजकर डॉक्टरों का पैनल गठित करने का अनुरोध किया है, ताकि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार कराई जा सके। इस मामले पर पूरे चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर की नजर बनी हुई है।
परिवार को 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी
बैठक के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मृतका के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। तय हुआ कि परिवार को कुल 16 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसमें 5 लाख रुपए वाइस चांसलर फंड से और 11 लाख रुपए डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस की ओर से प्रदान किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि यह सहायता तत्काल राहत के तौर पर दी जा रही है।
मृतका के भाई को मिलेगी नौकरी
बैठक में यह भी तय किया गया कि ज्योति के भाई को पंजाब यूनिवर्सिटी में नौकरी दी जाएगी। वह 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुका है और वर्तमान में आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) की पढ़ाई कर रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार उसे जिस पद पर नियुक्त किया जाएगा, उस पर 19,900 रुपए मूल वेतन के साथ 4,000 रुपए ग्रेड पे मिलेगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।
बारिश के दौरान करंट की चपेट में आई थी ज्योति
जानकारी के अनुसार, हादसे के दिन ज्योति पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 से साउथ कैंपस की ओर जा रही थीं। उस समय वह अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। बारिश के कारण परिसर में कई स्थानों पर पानी जमा था। इसी दौरान कथित तौर पर एक बिजली के खंभे से करंट पानी में फैल गया और ज्योति उसकी चपेट में आ गईं। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद पूरे कैंपस में हुआ था विरोध प्रदर्शन
ज्योति की मौत के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों ने घटना को लेकर प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। छात्रों ने परिसर में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, बारिश के दौरान रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा गठित जांच प्रक्रिया इस मामले के अगले चरण में अहम भूमिका निभाएगी। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के पीछे क्या कारण थे और सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
