July 30, 2026

Chandigarh News: पीयू में करंट से पीएचडी शोधार्थी की मौत, भड़के छात्रों ने वीसी कार्यालय घेरा; गेट तोड़ा, ढाई घंटे हंगामा

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Chandigarh News: पीयू में करंट से पीएचडी शोधार्थी की मौत, भड़के छात्रों ने वीसी कार्यालय घेरा; गेट तोड़ा, ढाई घंटे हंगामा

भड़के छात्रों ने वीसी कार्यालय घेरा

Chandigarh News: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की वाइस चांसलर प्रो. रेणु विग के कार्यकाल के अंतिम दिन मंगलवार को साउथ कैंपस में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे कैंपस को झकझोर दिया। हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली 28 वर्षीय पीएचडी शोधार्थी ज्योति की कथित रूप से करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और पूरे कैंपस में करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और तनाव का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, ज्योति मंगलवार सुबह गर्ल्स हॉस्टल नंबर-10 से माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर पैदल जा रही थीं। बारिश के कारण यूआईटी रोड पर कई स्थानों पर पानी और कीचड़ जमा था। इसी दौरान विभाग के निकट एक बिजली के खंभे के पास से गुजरते समय वह करंट की चपेट में आ गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खंभे में शॉर्ट सर्किट होने से आसपास जमा पानी में करंट फैल गया था, जिससे यह हादसा हुआ।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद छात्रों और राहगीरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। उन्हें तत्काल सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (जीएमएसएच-16) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर फैलते ही पूरे पीयू कैंपस में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने इसे इलेक्ट्रिकल सेफ्टी में गंभीर लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

 

वीसी कार्यालय पर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की

आक्रोशित छात्र बड़ी संख्या में वीसी कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार तोड़ दिया और अंदर जाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्यालय का अंदरूनी गेट बंद कर दिया। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। छात्रों ने कई बार लोहे के जालीदार गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। करीब ढाई घंटे तक कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

 

जांच समिति गठित करने का आश्वासन

बाद में वाइस चांसलर प्रो. रेणु विज छात्रों से मिलने बाहर आईं। छात्र संगठनों ने उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मृतक शोधार्थी के परिवार को उचित मुआवजा देने तथा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। वाइस चांसलर ने छात्रों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जो हादसे के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जल्द रिपोर्ट देगी।
इसके बाद विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने वीसी से अलग बैठक की। बैठक में कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) सहित संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने, उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग दोहराई गई। यह हादसा पंजाब यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो एक होनहार शोधार्थी की जान बचाई जा सकती थी।

 

सीबीआई जांच की मांग पर अड़े परिजन, शव लेने से किया इनकार

ज्योति का शव पोस्टमार्टम के बाद जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखा गया, जहां शाम के समय उनके परिजन पहुंचे। हालांकि, उनके माता-पिता अस्पताल नहीं पहुंच सके। मोर्चरी पहुंचे परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन लिखित रूप में यह आश्वासन नहीं देता कि ज्योति की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की जाएगी, तब तक वे शव अपने साथ नहीं ले जाएंगे। परिजनों का आरोप था कि मामले की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

 

ज्योति की मौत का मामला प्रशासक तक पहुंचा, पीयू प्रधान ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

पीयू स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष गौरववीर सिंह सोहल ने ज्योति की मौत का मामला पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के समक्ष उठाया। उन्होंने घटना की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एबीवीपी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रशांत गौतम और प्रदेश मंत्री जसकरण सिंह भुल्लर ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पंजाब में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, पेपर लीक पर रोक लगाने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रवृत्ति, शोध और कौशल विकास को बढ़ावा देने सहित शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की मांग उठाई।

 

कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेगी आप

आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ ने ज्योति की करंट लगने से हुई मौत को संस्थागत हत्या बताते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने वीसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, पूरे कैंपस का 48 घंटे के भीतर स्वतंत्र विद्युत सुरक्षा ऑडिट और बारिश के दौरान छात्रों के लिए शटल बस की व्यवस्था की मांग की। आप ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों के न्याय के लिए बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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