July 30, 2026

Mahendragarh Ambedkar Sabha: आंबेडकर सभा चुनाव विवाद पर राज्य रजिस्ट्रार का बड़ा फैसला, निरस्त हुई पन्नी लाल की अपील

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Mahendragarh Ambedkar Sabha: आंबेडकर सभा चुनाव विवाद पर राज्य रजिस्ट्रार का बड़ा फैसला, निरस्त हुई पन्नी लाल की अपील

आंबेडकर सभा चुनाव विवाद पर राज्य रजिस्ट्रार का बड़ा फैसला, निरस्त हुई पन्नी लाल की अपील

Mahendragarh Ambedkar Sabha: महेंद्रगढ़ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक समिति के चुनाव को लेकर पिछले कई महीनों से खींचतान और गुटबाजी का माहौल बना हुआ था। इस पूरे विवाद पर अब राज्य रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज, हरियाणा के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद विराम लग गया है। राज्य रजिस्ट्रार ने जिला रजिस्ट्रार नारनौल के फैसले को बरकरार रखते हुए अपीलकर्ता पन्नी लाल द्वारा दायर याचिका (संख्या 149/2026) को निरस्त कर दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई के बाद जारी विस्तृत आदेश में साफ कर दिया गया कि चुनाव पूरी तरह नियमानुसार और वैधानिक तरीके से कराए गए थे।

समय-सीमा से बाहर थी अपील, नहीं मिले धांधली के सबूत

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समिति का चुनाव 8 फरवरी 2026 को संपन्न हुआ था। नियमानुसार किसी भी चुनावी प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए 30 दिन की वैधानिक समयावधि तय होती है, जबकि यह याचिका तय समय सीमा बीत जाने के बाद दाखिल की गई थी। इसी आधार पर जिला रजिस्ट्रार ने 22 मई 2026 को इसे खारिज किया था, जिसे अब राज्य रजिस्ट्रार ने भी सही ठहराया है। इसके अतिरिक्त, अपीलकर्ता द्वारा सदस्यता सूची और वित्तीय अभिलेखों में हेरफेर के जितने भी आरोप लगाए गए थे, उन्हें साबित करने के लिए कोई ठोस आधार या साक्ष्य नहीं मिला।

बैलेंस शीट और मेंबरशिप लिस्ट की होगी नए सिरे से समीक्षा

हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए राज्य रजिस्ट्रार ने जिला रजिस्ट्रार नारनौल को कुछ प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत वर्ष 2013 से 2026 तक की समिति की बैलेंस शीट के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होने की स्थिति जांची जाएगी। साथ ही एचआरआरएस (HRRS) एक्ट 2012 के तहत वैध सदस्यता सूची की दोबारा जांच कर विभागीय रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा। विभाग ने यह भी साफ किया है कि रिकॉर्ड के इस परीक्षण का मकसद चुनाव को रद्द करना नहीं, बल्कि संस्थागत कागजातों को कानूनी रूप से दुरुस्त करना मात्र है।

‘आरोपों की हवा निकली, निष्पक्षता से हुआ था चुनाव’

फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए समिति के पूर्व अध्यक्ष सुंदरलाल जोरासिया ने कहा कि राज्य रजिस्ट्रार के फैसले ने पूरी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि विरोधियों द्वारा जो भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे थे, वे अदालत के समक्ष टिक नहीं सके और एक भी आरोप प्रमाणित नहीं हुआ। जोरासिया ने भरोसा जताया कि समिति आगे भी हरियाणा सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के नियमों और विभागीय निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करती रहेगी।

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