July 30, 2026

Ladwa News: लाडवा किड्जी स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा की धूम, बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

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Ladwa News: लाडवा किड्जी स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा की धूम, बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

नन्हे बच्चों ने दिया 'टाइगर बचाओ' का संदेश, गुरुओं के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद

Ladwa News: कैलाश गोयल, लाडवा। लाडवा स्थित किड्जी स्कूल में पर्यावरण चेतना और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। स्कूल परिसर में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ और ‘गुरु पूर्णिमा’ का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य जहाँ एक ओर नन्हे-मुन्नों को वन्यजीव संरक्षण व प्रकृति के संतुलन के प्रति जागरूक करना था, वहीं दूसरी ओर उनमें गुरु-शिष्य परंपरा के नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करना रहा।

दिन की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि बाघ केवल जंगल की शान ही नहीं, बल्कि हमारे समूचे ईकोसिस्टम को संतुलित रखने की मुख्य कड़ी हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने बाघों पर आधारित आकर्षक पोस्टर, रेखाचित्र और ओजस्वी नारे तैयार किए। कुछ छात्रों ने बाघों के अस्तित्व पर मंडराते खतरों और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के विषय पर विचारशील भाषण भी प्रस्तुत किए।

‘बाघ बचाओ, जंगल बचाओ’ के नारों से गुंजायमान हुआ इलाका

जागरूकता के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए स्कूली बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर एक रैली निकाली। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने आमजन को ‘टाइगर बचाओ’ और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल विम्मी तनेजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही प्रकृति का बड़ा संरक्षण संभव है। उन्होंने जोर दिया कि आने वाली पीढ़ी को बचपन से ही पर्यावरण और मूक वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने ‘बाघ बचाओ, जंगल बचाओ’ का सामूहिक संकल्प लिया।

गुरु पूर्णिमा पर नन्हे हाथों ने बनाए धन्यवाद कार्ड, श्लोकोच्चार से गुंजायमान हुआ परिसर

वहीं दूसरी ओर, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विद्यालय में आध्यात्मिक व सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिले। मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। बच्चों ने अपने शिक्षकों के प्रति आदर व आभार प्रकट करते हुए सुरीले भजन, कविताएं और गुरु की महिमा पर भाषण दिए। किड्जी के नन्हे-मुन्नों ने अपने हाथों से बनाए बेहद सुंदर धन्यवाद कार्ड्स और ग्रीटिंग्स अपने शिक्षकों को भेंट किए।

शिक्षकों ने बच्चों को गुरु-शिष्य परंपरा के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराते हुए बताया कि गुरु ही अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का अलख जगाते हैं। प्रिंसिपल विम्मी तनेजा ने कहा कि एक सच्चा गुरु ही बच्चे के भविष्य को सही दिशा और आकार देता है। उन्होंने कहा कि किड्जी स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को भारतीय संस्कृति के उच्च संस्कारों से जोड़ना ही प्राथमिक ध्येय है। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक श्लोक ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु…’ के सस्वर पाठ और बच्चों द्वारा अपने गुरुओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने के साथ हुआ

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