Ladwa News: लाडवा नगर पालिका का आवारा पशुओं पर बड़ा एक्शन, 15 घोड़ों को किया ज़ब्त, मालिकों पर ठोका जुर्माना
आवारा घोड़ों से हादसों का खतरा, नगरपालिका ने 15 को दबोचा; दी कड़ी चेतावनी
Ladwa News: लाडवा (कैलाश गोयल)। शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते आवारा मवेशी और उनके कारण लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर आखिर नगर पालिका प्रशासन की तंद्रा टूट ही गई। नपा सचिव नीरज सैनी की अगुवाई में मंगलवार को पालिका की विशेष टीम ने शहर भर में चले एक ताबड़तोड़ अभियान के तहत 15 आवारा घोड़ों को ज़ब्त कर लिया।
शहर के मुख्य रास्तों और व्यस्त बाज़ारों में घूम रहे इन जानवरों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था चरमरा रही थी, बल्कि आए दिन वाहन चालक और राहगीर चोटिल हो रहे थे। स्थानीय निवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है।
जुर्माने के साथ मिली अंतिम चेतावनी
कार्रवाई का ब्योरा देते हुए नपा सचिव नीरज सैनी ने बताया कि पकड़े गए 15 घोड़ों में से 6 को उनके मालिकों की पहचान कर और नियमानुसार ₹2,000 से ₹3,000 तक का जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, कुछ जानवरों में बीमारी के लक्षण दिखने के चलते उन्हें एहतियातन छोड़ा गया है।
“यह पहली बार है जब पशुपालकों पर इस तरह का आर्थिक दंड लगाया गया है। अगर इसके बाद भी पशुपालकों ने सबक नहीं लिया और उनके घोड़े सड़कों पर दोबारा आवारा घूमते पाए गए, तो इस बार केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
— नीरज सैनी, सचिव (नगर पालिका लाडवा)
शहरवासियों से सहयोग की अपील
पालिका सचिव ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों को अपने निजी मवेशियों का बाड़ा बनाने की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने लाडवा वासियों और पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को बाड़ों में बांधकर रखें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और किसी बेगुनाह को अपनी जान ज़ोखिम में न डालनी पड़े।
फिलहाल पालिका की इस कार्रवाई से बेपरवाह बने पशुपालकों में हड़कंप ज़रूर मच गया है, लेकिन देखना यह होगा कि सड़कों को आवारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी कितना कारगर साबित होता है।
