Rajasthan News: झुंझुनूं में क्रेन से लटकाकर शोरूम पहुंचाई स्कॉर्पियो, कारोबारी की मौत पर अनोखा प्रदर्शन
क्रेन से लटकाकर शोरूम पहुंचाई स्कॉर्पियो
Rajasthan News: राजस्थान के झुंझुनूं में सड़क हादसे में कारोबारी तरुण नायक की मौत के बाद उनके परिजनों और दोस्तों ने महिंद्रा शोरूम के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से करीब 20 फीट ऊंचाई पर लटकाकर शोरूम के सामने खड़ा कर दिया। वाहन पर लाल रंग से “मौत का सामान” और “20 लाख का डिब्बा” जैसे संदेश लिखे गए थे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। सड़क से गुजरने वाले राहगीर भी रुककर पूरे घटनाक्रम को देखने लगे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।
20 जुलाई को हुआ था हादसा
मृतक के दोस्त धीरज जाट के अनुसार, 21 वर्षीय तरुण नायक झुंझुनूं में कार रेंटल का कारोबार करते थे। 20 जुलाई को वह चार अन्य साथियों के साथ सीकर से झुंझुनूं लौट रहे थे। इसी दौरान डूंडलोद बायपास के पास उनकी स्कॉर्पियो बिजली के पोल से टकरा गई और हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में तरुण गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वाहन में सवार अन्य चार लोगों को मामूली चोटें आईं।
परिजनों का आरोप- सीट बेल्ट लगी थी, फिर भी एयरबैग नहीं खुले
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हादसे के समय तरुण ने सीट बेल्ट पहन रखी थी, लेकिन इसके बावजूद वाहन के एयरबैग नहीं खुले। उनका आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने कई बार कंपनी से इस संबंध में जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी के विरोध में उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन को शोरूम के बाहर लाकर प्रदर्शन किया।
‘हमें मुआवजा नहीं, जवाब चाहिए’
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मुआवजा लेना नहीं है। उनका कहना था कि परिवार ने अपना बेटा और दोस्तों ने अपना साथी खोया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने वाहन की सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के दौरान एयरबैग के काम न करने के कारणों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि वाहन में कोई तकनीकी खामी है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति भी बनी चिंता
तरुण नायक के दोस्तों ने बताया कि उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी तरुण पर थी। अब उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। प्रदर्शन में तरुण की मां और उनके दोनों छोटे भाई भी मौजूद रहे। परिवार का कहना है कि उन्हें पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही चाहिए।
कंपनी का पक्ष आना बाकी
समाचार लिखे जाने तक महिंद्रा की ओर से प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हादसे में एयरबैग क्यों नहीं खुले, इसका कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यह प्रदर्शनकारियों का आरोप है और इसकी पुष्टि संबंधित जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
