Kaithal News: कैथल में खाद तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, 600 बोरी सब्सिडी वाली यूरिया से भरा ट्रक जब्त, 2 गिरफ्तार
कैथल में खाद तस्कर गिरोह का भंडाफोड़
Kaithal News: कैथल जिले में कृषि योग्य सब्सिडी वाली यूरिया खाद की कालाबाजारी और अवैध सप्लाई के खिलाफ सीवन थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोककर उसमें लदी इफको (IFFCO) कंपनी की 600 बोरी सब्सिडी वाली यूरिया खाद बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब के समाना निवासी ट्रक ड्राइवर जोगा सिंह और यमुनानगर निवासी आसिफ अली को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए दोनों आरोपी पुलिस और कृषि अधिकारियों के सामने खाद के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध बिल या आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं कर सके। कृषि विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
गांव गोहरा के पास चेकिंग में हत्थे चढ़ा पंजाब नंबर का ट्रक
सीवन थाना प्रभारी जयभगवान ने बताया कि पुलिस की एक टीम गांव गोहरा के समीप गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग पर तैनात थी। इसी दौरान पंजाब रजिस्ट्रेशन नंबर का एक तेज रफ्तार ट्रक वहां से गुजरा, जिसे पुलिस कर्मियों ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर रुकवाया। जब ट्रक के तिरपाल को हटाकर तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में कृषि योग्य सब्सिडी वाली यूरिया खाद भरी मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कृषि विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक भूपेंद्र सिंह और उपमंडल कृषि अधिकारी सतीश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद खाद की भौतिक जांच की तो पाया कि सभी 600 कट्टे भारत सरकार की ओर से किसानों के लिए सब्सिडी पर दी जाने वाली यूरिया के हैं।
गैर-कृषि प्रयोग और तस्करी की आशंका, सैंपल लैब भेजे
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया केवल और केवल किसानों को आधिकारिक बिक्री केंद्रों (POS मशीनों) के माध्यम से देने का नियम है। इसे व्यावसायिक या औद्योगिक इस्तेमाल के लिए डायवर्ट करना या बिना कागजात एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाना गंभीर कानूनी अपराध है।
अधिकारियों ने मौके पर ही यूरिया खाद के सैंपल लेकर सील कर दिए हैं, जिन्हें गुणवत्ता और प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए लैब में भेजा गया है।
बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज
विभाग की सिफारिश पर सीवन थाना पुलिस ने फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO)-1985 की धारा 4, 5, 25 व 28, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3 व 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि सब्सिडी वाली यूरिया की इतनी बड़ी खेप किस सहकारी समिति या डीलर के स्टॉक से बाहर निकाली गई थी और इसे हरियाणा के रास्ते कहां खपाने की योजना थी।
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