Barnala: बरनाला भाजपा को लगा झटका, देहाती मंडल अध्यक्ष पुनीत कौशल मोनू ने पद से दिया इस्तीफा
देहाती मंडल अध्यक्ष पुनीत कौशल मोनू
Barnala: बरनाला में भाजपा के शहरी संगठनात्मक ढांचे को उस समय झटका लगा, जब पार्टी के अहम पद पर तैनात देहाती मंडल अध्यक्ष पुनीत कौशल मोनू ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। पुनीत कौशल ने अपना औपचारिक इस्तीफा पत्र भारतीय जनता पार्टी बरनाला के जिला अध्यक्ष को भेज दिया है। इस अचानक घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी हलचल मच गई है। गौर हो कि यह इस्तीफा उस समय सामने आया है, जब इस्तीफे से महज एक दिन पहले पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बरनाला में एक बैठक को संबोधित करने पहुंचे थे।
उनकी ओर से बरनाला में भाजपा के नए कार्यालय का उद्घाटन और नवनियुक्त जिला अध्यक्ष को खुद कुर्सी पर बिठाकर संगठन को मजबूत करने का दावा किया गया था। लेकिन इस कार्यक्रम के अगले ही दिन मंडल अध्यक्ष द्वारा दिए गए इस्तीफे ने प्रदेश व जिला नेतृत्व के दावों की हवा निकाल दी है। जिला अध्यक्ष को भेजे गए अपने इस्तीफा पत्र में पुनीत कौशल मोनू ने लिखा है कि वह कुछ घरेलू और निजी मजबूरियों के चलते देहाती मंडल अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को आगे सुचारू रूप से निभाने में असमर्थ हैं। उन्होंने जिला नेतृत्व से मांग की है कि उनकी पारिवारिक/निजी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनका इस्तीफा बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए ताकि पार्टी संगठन का कामकाज प्रभावित न हो।
पुरानी अंदरूनी आग को नए जिला अध्यक्ष भी नहीं बुझा सके: सूत्र
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी के अंदरूनी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी के भीतर पुराने जिला अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान ही अंदरूनी खींचतान और नाराजगी की आग पहले से सुलग रही थी। पार्टी कार्यकर्ताओं में चल रहे इस विरोध और असंतोष को नवनियुक्त जिला अध्यक्ष भी बुझाने में नाकाम साबित हुए हैं, जिसका नतीजा आज मंडल अध्यक्ष के इस्तीफे के रूप में सामने आया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म
पुनीत कौशल मोनू द्वारा अचानक दिए गए इस इस्तीफे के बाद जिला बरनाला के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म हो गया है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में इस्तीफे का कारण सिर्फ निजी बताया है, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ इसे पार्टी की गुटबाजी और अंदरूनी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। अब यह देखना होगा कि भाजपा जिला नेतृत्व इस पर क्या रुख अपनाता है। क्या पुनीत कौशल को मनाने की कोशिश की जाएगी या फिर संगठन को बिखरने से बचाने के लिए किसी नए नेता को मंडल अध्यक्ष की कमान सौंपी जाएगी।
अपने पत्र में पुनीत कौशल ने पार्टी का धन्यवाद करते हुए कहा मैं भाजपा द्वारा मुझे दिए गए मान-सम्मान और जिम्मेदारी के लिए आभारी हूं। भले ही मैं निजी कारणों से देहाती मंडल अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे रहा हूं, लेकिन मैं संगठन की प्रगति और हित में अपना सहयोग देता रहूंगा।
