Chandigarh MC House Meeting: चंडीगढ़ नगर निगम हाउस मीटिंग में हंगामा, मेयर का कांग्रेस पार्षद पर तंज, विकास कार्यों पर भी घमासान
30 जून 2026 को हुई चंडीगढ़ नगर निगम हाउस मीटिंग का फोटो
Chandigarh MC House Meeting: चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की बैठक शुक्रवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस के साथ शुरू हुई। बैठक की शुरुआत में ही मेयर सौरभ जोशी ने आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पार्षद मुनव्वर पर तंज कसते हुए कहा, “आपने तो सरकार ही हिला दी, कांग्रेस को पहले नंबर का विपक्ष बना दिया।” इसके बाद सदन का माहौल और गरमा गया। बैठक के दौरान कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षदों ने अलग-अलग जनहित के मुद्दों पर प्रशासन से जवाब मांगा। शहर में विकास कार्यों की धीमी गति, सीसीटीवी परियोजनाओं का खर्च, जलभराव और टेंडर प्रक्रिया प्रमुख मुद्दे रहे।
नेम प्लेट विवाद पर कांग्रेस पार्षद का हंगामा
कांग्रेस पार्षद प्रेम लता ने सदन में विरोध जताते हुए कहा कि उनकी नेम प्लेट अब भी आम आदमी पार्टी की ओर रखी गई है, जबकि वह पार्टी छोड़ चुकी हैं। उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर की और कुछ महिला पार्षदों पर टिप्पणी भी की, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रेम लता बैठक छोड़कर बाहर चली गईं।
82 लाख के सीसीटीवी खर्च पर उठे सवाल
आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र ने अपने वार्ड में लगाए गए 82 लाख रुपये के सीसीटीवी कैमरों की लागत और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने संबंधित अधिकारी को सात दिन के भीतर लिखित जवाब देने और उसकी प्रति पार्षद व आयुक्त दोनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर विपक्ष का हमला
कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत ने अपने क्षेत्र में 90 लाख रुपये के विकास कार्यों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि टेंडर जारी होने के बावजूद अब तक केवल 70 मीटर काम ही पूरा हुआ है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन काम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
जलभराव और टेंडर प्रक्रिया पर भाजपा और विपक्ष एकजुट
भाजपा के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कंवर राणा ने बताया कि उनके क्षेत्र में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ, लेकिन किसी ठेकेदार ने उसमें हिस्सा नहीं लिया। कंवर राणा के साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने भी मुख्य अभियंता की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्षदों ने पूछा कि सड़क और गलियों के निर्माण कार्य किसे दिए गए हैं और बरसात के दौरान शहर में जलभराव के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
नगर निगम में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव के बाद पहली बार सदन में संख्या बल के मामले में कांग्रेस आम आदमी पार्टी से आगे निकल गई है। 35 निर्वाचित पार्षदों वाले सदन में कांग्रेस के अब 9 पार्षद हैं, जबकि सांसद को जोड़ने पर उसकी संख्या 10 हो जाती है। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के पास अब 8 पार्षद रह गए हैं। इसी बदले हुए समीकरण के बाद कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा भी मजबूत कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार गुरप्रीत गाबी का नाम इस पद के लिए चर्चा में है, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद होगा।
20 हजार लीटर मुफ्त पानी समेत कई जनहित मुद्दे एजेंडे में
बैठक से पहले कांग्रेस पार्षद दल की प्री-हाउस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि पार्टी एक बार फिर हर परिवार को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का मुद्दा उठाएगी। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं बल्कि शहरवासियों की बुनियादी जरूरत से जुड़ा मामला है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, टूटी सड़कें, पार्कों की स्थिति, वित्तीय पारदर्शिता और नगर निगम की कार्यप्रणाली से जुड़े कई मुद्दे भी सदन में उठाए जाएंगे।
सदन में कई विकास परियोजनाओं पर भी होगी चर्चा
बैठक के एजेंडे में चंडीगढ़ प्रशासन की 15 जुलाई 2026 की अधिसूचनाएं भी पेश की जाएंगी, जिनमें नगर निगम की सीटों और आरक्षण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर कलां में करीब 2.31 करोड़ रुपये की लागत से अस्थायी गौशेड निर्माण, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के बायो-मीथेनेशन प्लांट को कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में अपग्रेड करने तथा ठोस कचरा प्रबंधन उपनियम-2026 लागू करने समेत कई प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। नगर निगम शहर के 39 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और 75 विज्ञापन स्थलों की ई-नीलामी के जरिए राजस्व बढ़ाने की योजना भी सदन के सामने रखेगा।
