Himachal Pradesh News: कंगना रनोट के बयान पर हिमाचल में सियासत तेज, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जताई आपत्ति
Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में भाजपा सांसद कंगना रनोट की सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री (PWD) विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिन युवाओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है, वे भी देश के नागरिक हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की शब्दावली आखिर कहां से आती है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत कंगना रनोट की उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और नई पीढ़ी, विशेषकर Gen-Z के व्यवहार पर टिप्पणी की थी। पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शनकारियों के कुछ वीडियो का जिक्र करते हुए उनकी भाषा और व्यवहार की आलोचना की थी। इसी दौरान उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया।
महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर भी उठे सवाल
अपने पोस्ट में कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की महिलाओं की जीवनशैली और सामाजिक सोच पर भी टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और विभिन्न राजनीतिक दलों तथा संगठनों ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी। इन्हीं टिप्पणियों को आधार बनाकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सांसद पर निशाना साधा और बयान को महिलाओं एवं युवाओं के प्रति आपत्तिजनक बताया।
विक्रमादित्य बोले- भाषा की मर्यादा जरूरी
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को अपनी भाषा और शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग, विशेषकर युवाओं, के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार जनप्रतिनिधियों के वक्तव्य समाज पर व्यापक प्रभाव डालते हैं।
पेलेट गन के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में इस तरह की घटना चिंताजनक है और लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए संतुलित तरीके अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
राजनीतिक गतिविधियां भी रहीं चर्चा में
शिमला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि शिमला ग्रामीण और चौपाल विधानसभा क्षेत्रों के करीब 70 भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। इस घटनाक्रम के बीच कंगना रनोट के बयान को लेकर हिमाचल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
