Haryana Electricity News: उत्तर भारत में इस समय सूरज की तपिश अपने चरम पर है और इसके साथ ही घरेलू व कमर्शियल बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोड बढ़ने के कारण आए दिन होने वाले फॉल्ट और ट्रिपिंग ने उपभोक्ताओं को परेशान कर रखा है। अक्सर देखा जाता है कि संकट के समय बिजली दफ्तरों या कंट्रोल रूम के फोन लगातार व्यस्त (बिजी) आते हैं, जिससे आम जनता का पारा और चढ़ जाता है।
इसी दिक्कत को भांपते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने एक बेहद व्यावहारिक और तकनीकी समाधान पेश किया है। निगम ने कुल 11 ऐसे वैकल्पिक और डिजिटल रास्तों की सूची सार्वजनिक की है, जिनके जरिए उपभोक्ता घर बैठे अपनी बात सीधे आला अफसरों तक पहुंचा सकते हैं।
सिर्फ एक मिस्ड कॉल और मोबाइल स्क्रीन पर हाजिर होगा बिजली बिल
निगम की इस नई कवायद में सबसे ज्यादा ध्यान मिस्ड कॉल और व्हाट्सऐप आधारित सेवाओं पर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को अपने चालू बिजली बिल की जानकारी लेने या डुप्लीकेट बिल निकलवाने के लिए सब-डिवीजन दफ्तरों की लाइनों में नहीं लगना होगा।
कोई भी उपभोक्ता अपने मोबाइल से 7669875768 पर एक मिसकॉल देकर व्हाट्सऐप के जरिए अपना बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज सीधे हासिल कर सकता है। हालांकि, मुख्यालय ने साफ किया है कि इस ऑटोमैटिक सर्विस का फायदा केवल वही लोग उठा पाएंगे, जिनका मोबाइल नंबर बिजली निगम के सिस्टम में पहले से लिंक्ड या रजिस्टर्ड है।
ट्विटर और फेसबुक पर भी मुस्तैद हुई आईटी टीम, चैटबॉट से मिलेगी मददबदलते दौर के साथ बिजली निगम ने सोशल मीडिया को भी शिकायत निवारण का बड़ा हथियार बनाया है। अगर पारंपरिक टोल फ्री नंबर $1912$ या 1800-180-4334
पर संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो उपभोक्ता सीधे अपने एक्स (ट्विटर) या फेसबुक अकाउंट से @1912dhbvn को टैग करके अपनी शिकायत पोस्ट कर सकते हैं। इसके लिए बकायदा मुख्यालय स्तर पर एक स्पेशल आईटी टीम तैनात की गई है, जो इन सोशल मीडिया पोस्ट्स का रियल-टाइम संज्ञान लेकर संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (JE) या लाइनमैन को तुरंत अलर्ट भेजेगी। इसके अलावा, निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर चौबीसों घंटे काम करने वाला एक विशेष ‘चैटबॉट’ भी एक्टिव कर दिया गया है।
‘कंट्रोल रूम व्यस्त मिले तो घबराएं नहीं, डिजिटल माध्यम अपनाएं’— एसई जितेंद्र ढुल
DHBVN के अधीक्षण अभियंता (SE) जितेंद्र सिंह ढुल ने इस नई व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के महीनों में फोन लाइनों पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने में परेशानी होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “ये 11 डिजिटल माध्यम इसीलिए तैयार किए गए हैं ताकि काम में पारदर्शिता आए और उपभोक्ता का समय बचे।
इन प्लेटफॉर्म्स पर आने वाली शिकायतों का डेटा सीधे मॉनिटर होता है, जिससे हमें भी फॉल्ट को जल्दी ठीक कराने में मदद मिलती है।” उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव कर लें और जरूरत पड़ने पर इनका बेझिझक इस्तेमाल करें।
उपभोक्ताओं के काम की लिस्ट: इन 11 माध्यमों पर सीधे दर्ज होगी बात
माध्यम का प्रकार संपर्क सूत्र / नंबर / हैंडल
पारंपरिक टोल फ्री नंबर 1912, 1800-180-4334
व्हाट्सऐप सेवा 8813999708
विशेष कंट्रोल रूम नंबर 9540954708
मिस्ड कॉल सेवा (सामान्य) 7669875768
बिल अपडेट के लिए मिस्ड कॉल 7082102200
डिजिटल चैटबॉट DHBVN Help Desk (वेबसाइट पर)
एसएमएस (SMS) सर्विस 56161101
आधिकारिक वेब पोर्टल chs.dhbvn.org.in
ई-मेल सपोर्ट 1912@dhbvn.org.in
एक्स (ट्विटर) हैंडल @1912dhbvn
फेसबुक ऑफिशियल पेज 1912dhbvn

