Hisar News: हिसार टोल मैनेजर मर्डर केस, रेंट की स्कॉर्पियो से किया था मर्डर, ₹130 के लिए खूनी खेलHisar News: हिसार टोल मैनेजर मर्डर केस, रेंट की स्कॉर्पियो से किया था मर्डर, ₹130 के लिए खूनी खेल

Hisar News: हिसार के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर मंगलवार रात हुए सनसनीखेज हत्याकांड में बरवाला पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल एक मुख्य आरोपी मनोज उर्फ फिल्मी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि वारदात के वक्त जिस ब्लैक स्कॉर्पियो से टोल मैनेजर को कुचला गया था, वह आरोपियों की अपनी नहीं थी। हमलावरों ने वारदात से ठीक पहले उस गाड़ी को पास के ही खेदड़ गांव से किराए (रेंट) पर लिया था। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर बाकी फरार युवकों के ठिकानों का पता लगा रही है।

महज 130 रुपये के लिए कर दी गुंडागर्दी की सारी हदें पार

यह खूनी खेल मंगलवार रात उस वक्त शुरू हुआ जब हिसार की तरफ से आई एक तेज रफ्तार काली स्कॉर्पियो बाडोपट्टी टोल लेन में आकर रुकी। पिछले 15-16 साल से इसी टोल पर तैनात कर्मचारी रूपेश मौर्य ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गाड़ी में सवार सभी युवक शराब के नशे में आकंठ डूबे हुए थे।

काउंटर पर मौजूद कर्मी ने जब उनसे नियमानुसार ₹130 का टोल टैक्स मांगा, तो वे खुद को लोकल (स्थानीय निवासी) बताकर उलझ गए। टोल मैनेजर संजय शुक्ला ने जब नियम का हवाला देते हुए उनसे स्थानीय निवासी होने का आईडी प्रूफ (पहचान पत्र) मांगा, तो युवक आगबबूला हो गए। वे बदसलूकी करते हुए जबरन बैरियर हटाकर गाड़ी आगे ले गए।

पहले लाठी-डंडों से पीटा, फिर बैक गियर डालकर रौंदा

चश्मदीद रूपेश के मुताबिक, आरोपियों ने टोल से कुछ ही दूरी पर जाकर अपनी गाड़ी रोक दी। जब मैनेजर संजय शुक्ला मामले को शांत कराने और बातचीत करने उनके पास पहुंचे, तो युवकों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। बात बढ़ने पर कार से 4-5 युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर उतरे और संजय पर टूट पड़े।

टोल के अन्य कर्मचारी जब तक बीच-बचाव करने दौड़ते, तब तक आरोपियों ने बर्बरता की हदें पार कर दीं। उन्होंने गुस्से में स्कॉर्पियो स्टार्ट की, तेजी से बैक गियर लगाया और संजय शुक्ला को बेरहमी से कुचलते हुए सीधे फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने संजय को मृत घोषित कर दिया।

मुआवजे पर अड़े परिजन, मॉर्चुरी के बाहर अंतिम संस्कार से इनकार

इधर, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी मृतक संजय शुक्ला के परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। संजय पिछले 20 सालों से आईआरबी (टोल कंपनी) में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

मृतक के साले बृजेश ने दोटूक कहा है कि जब तक टोल कंपनी पीड़ित परिवार को ₹20 लाख का मुआवजा और इंश्योरेंस क्लेम नहीं देती, तब तक वे शव को मॉर्चुरी से नहीं उठाएंगे। परिजनों की मांग है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हालांकि, टोल प्रबंधन ने इस पर निर्णय लेने के लिए तीन दिन का समय मांगा है, जिसे परिजनों ने खारिज कर दिया है।

पुलिस का दावा: गाड़ी का नंबर हमारे पास, जल्द ही सब सलाखों के पीछे होंगे

इस पूरे मामले की कमान संभाल रहे जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम ने घटनास्थल से तमाम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो का नंबर पुलिस के पास है और इसके मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। सब इंस्पेक्टर का दावा है कि मनोज उर्फ फिल्मी से मिल रहे इनपुट के आधार पर कई टीमें अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि बहुत जल्द ही इस वारदात में शामिल अन्य सभी चेहरों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।