Yamunanagar Plywood Factory Fire: यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए आगजनी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। पांसरा गांव में स्थित कक्कड़ प्लाईवुड फैक्ट्री में अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में बेहद विकराल रूप धारण कर लिया। प्लाईवुड और वहां रखे केमिकल के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी फैक्ट्री परिसर में काले धुएं का गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से ही साफ देखा जा सकता था। परिसर में काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों ने जैसे ही लपटें उठती देखीं, वहां भगदड़ मच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई।
दमकल कर्मियों ने संभाला मोर्चा, टला बड़ा हादसा
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए चारों तरफ से घेराबंदी कर आग बुझाने का काम शुरू किया। चूंकि प्लाईवुड फैक्ट्री में ज्वलनशील सामान भारी मात्रा में मौजूद था, इसलिए आग पर काबू पाना शुरुआती घंटों में काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। आखिरकार दमकल विभाग की मुस्तैदी और जवानों की कड़ी मेहनत रंग लाई और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल आए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, नुकसान का आकलन शुरू
फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी, इसके पुख्ता कारणों का खुलासा अभी नहीं हो पाया है। हालांकि, शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ होगा। प्रशासन और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें अब मौके पर मौजूद हैं, जो आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से हादसे में हुए वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है, जिसके लाखों में होने का अनुमान है।
फिर उठे औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल
प्लाईवुड हब माने जाने वाले यमुनानगर के पांसरा में हुई इस घटना ने एक बार फिर फैक्ट्रियों में पुख्ता फायर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयों में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम कागजों तक ही सीमित हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

