Youth Sports Association Ladwa: शिमला में लाडवा के खिलाड़ियों का जलवा, नेशनल कराटे चैंपियनशिप में जीते 15 मेडल800 फाइटर्स के बीच यूथ स्पोर्ट्स एसोसिएशन लाडवा ने रचा इतिहास

Youth Sports Association Ladwa: लाडवा (कैलाश गोयल) हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों के बीच शिमला के संजौली में खेल प्रतिभा का एक बड़ा मंच सजा, जहां लाडवा के युवाओं ने अपनी तकनीक और ताकत का लोहा मनवाया। साइगोकान गोजू रयू कराटे इंडिया की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से लगभग 800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस कड़े मुकाबले में यूथ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के 15 मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों ने मैट पर उतरकर ऐसा दांव-पेंच दिखाया कि प्रतिद्वंद्वी पस्त हो गए। अकादमी के सभी 15 खिलाड़ियों ने मेडल लिस्ट में अपनी जगह पक्की की।

अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेंगे लाडवा के सितारे

एसोसिएशन के महासचिव व मुख्य कोच चमन लाल ने इस बड़ी कामयाबी की तफसील साझा करते हुए बताया कि बच्चों की कड़ी मेहनत रंग लाई है। अकादमी के खाते में 5 गोल्ड मेडल, 1 सिल्वर मेडल और 9 ब्रोंज मेडल आए हैं। इस दोहरी खुशी के बीच उन्होंने एक और बड़ा ऐलान किया कि वे खुद और अकादमी के उभरते खिलाड़ी उनीतपाल जल्द ही जापान के लिए उड़ान भरेंगे, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कराटे टीम का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।

सिर्फ खेल ही नहीं, जाखू और तारा देवी मंदिर में लिया अध्यात्म का पाठ

यह दौरा खिलाड़ियों के लिए केवल मैट पर फाइट करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे एक शैक्षणिक और आध्यात्मिक यात्रा का रूप भी दिया गया। कोच चमन लाल के मुताबिक, बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने और उनमें एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्रतियोगिता के बाद उन्हें शिमला के प्रसिद्ध तारा देवी मंदिर और संकटमोचन जाखू मंदिर ले जाया गया। खिलाड़ियों ने भी इस यात्रा का जमकर लुत्फ उठाया और पहाड़ों की संस्कृति को करीब से समझा।

अनुशासन ही सफलता की एकमात्र चाबी: जोगध्यान

खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक जीत पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जोगध्यान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “राष्ट्रीय पटल पर एक साथ 15 मेडल जीतना कोई तुक्का नहीं, बल्कि इन बच्चों के पसीने और निरंतर अभ्यास का नतीजा है।” वहीं संगठन के प्रधान विजय भूषण तनेजा ने विजेता खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि उनका संगठन बच्चों को केवल मेडल जीतना नहीं सिखाता, बल्कि खेल के माध्यम से उनमें सामाजिक और धार्मिक मूल्यों के संस्कार भी बो रहा है, ताकि वे कल के बेहतर नागरिक बन सकें।

इस गौरवमयी स्वागत समारोह के दौरान प्रेस प्रवक्ता मुकेश शर्मा, पूर्व सरपंच जसवीर, संजीव सैनी, मुकेश राजपूत, मनीषा, कोच मोहित और निकिता सहित इलाके के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।