Gurugram model road project: दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम के एंट्री प्वाइंट्स पर लगने वाले जाम और टूटी सड़कों से परेशान रहने वाले दिल्ली-एनसीआर के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। बिजवासन बॉर्डर से पालम विहार के राम चौक तक जाने वाले जिस मुख्य रास्ते पर इस समय चलना किसी सजा से कम नहीं है, उसकी सूरत अब पूरी तरह बदलने जा रही है।
नगर निगम गुरुग्राम ने इस 4 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को हाईटेक ‘मॉडल रोड’ में तब्दील करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। वर्तमान में यह पूरी सड़क गहरे गड्ढों, उड़ती धूल और बेतरतीब ट्रैफिक के कारण वाहनों के पुर्जे ढीले कर रही थी, जिसे देखते हुए अब इसके नए सिरे से जीर्णोद्धार का फैसला लिया गया है।
स्मार्ट लाइटिंग से लेकर ग्रीन बेल्ट तक की तैयारी
इस पूरी परियोजना पर करीब 6 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस मॉडल रोड को सिर्फ चौड़ा ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह आधुनिक मानकों पर ढाला जाएगा। अक्सर मानसून के दौरान दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर होने वाले जलभराव से निपटने के लिए सड़क के दोनों तरफ कंक्रीट की मजबूत और सुव्यवस्थित ड्रेनेज (जल निकासी) व्यवस्था बनाई जाएगी।
रात के समय सुरक्षित सफर के लिए पूरी सड़क को चमचमाती एलईडी स्ट्रीट लाइटों, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों और आधुनिक रोड फर्नीचर से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सड़क के किनारों पर हरी-भरी ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी, जहां बड़े पैमाने पर छायादार और औषधीय पौधे रोपे जाएंगे।
राहगीर और नौकरीपेशा, सबको मिलेगा फायदा
सड़क का यह नया स्वरूप तैयार होने के बाद पालम विहार और बिजवासन के बीच का सफर न सिर्फ बेहद तेज और सुविधाजनक हो जाएगा, बल्कि हादसों का खतरा भी नाममात्र रह जाएगा। इसका सबसे सीधा फायदा दिल्ली से गुरुग्राम की बड़ी कंपनियों और दफ्तरों में रोजाना अप-डाउन करने वाले हजारों कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें पीक आवर्स के दौरान यहां रेंगते हुए निकलना पड़ता था।
व्यवसायिक वाहनों और स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क एक लाइफलाइन की तरह काम करेगी, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।
जुलाई के अंत तक आ जाएगी निर्माण मशीनें
योजना के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर नगर निगम गुरुग्राम के कार्यकारी अभियंता प्रवीण राघव ने स्थिति साफ कर दी है। कार्यकारी अभियंता प्रवीण राघव ने बताया कि बिजवासन बॉर्डर से राम चौक तक के इस पूरे रूट को मॉडल रोड में बदलने के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर आमंत्रित कर लिए गए हैं।
विभाग की कोशिश है कि कागजी कार्रवाई और कंपनियों के चयन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द निपटा लिया जाए। यदि तय शेड्यूल के अनुसार काम आगे बढ़ा, तो अगले महीने (जुलाई) के आखिरी हफ्ते तक मौके पर मशीनें उतर जाएंगी और सड़क का निर्माण कार्य पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।

