SGMP School Ladwa: SGMP स्कूल लाडवा में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू, रसायन विज्ञान के 60 शिक्षक ले रहे ट्रेनिंगSGMP स्कूल लाडवा में सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

SGMP School Ladwa: (कैलाश गोयल) शिक्षा के बदलते परिवेश और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दौर में कुरुक्षेत्र के लाडवा (धनौरा) स्थित संजय गांधी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में अध्यापकों के कौशल को निखारने की एक बड़ी पहल की गई है। विद्यालय परिसर में रसायन विज्ञान (सीनियर सेकेंडरी) विषय पर आधारित दो दिवसीय सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शानदार शुभारंभ हुआ। इस विशेष कार्यशाला को आयोजित करने के पीछे सीबीएसई और स्कूल प्रबंधन का सीधा उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना और कक्षा के भीतर नवाचार (इनोवेशन), अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपीरियंसियल लर्निंग) व प्रभावी अध्यापन पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने किया स्वागत; बोले— ‘बदलते दौर में शिक्षकों का लगातार अपडेट रहना जरूरी’

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने कुरुक्षेत्र और आसपास के जिलों से आए सभी प्रतिभागी शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कार्यशाला का संचालन करने पहुंचीं सीबीएसई की अनुभवी रिसोर्स पर्सन ज्योति खरबंदा और अनामिका का विशेष अभिनंदन किया। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि आज के डिजिटल और तेजी से बदलते शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों का लगातार खुद को अपडेट रखना और नए कौशलों को सीखना बेहद अनिवार्य हो गया है। उन्होंने शिक्षकों के समग्र विकास के लिए लगातार इस तरह के गुणवत्तापूर्ण मंच प्रदान करने को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के प्रयासों की भी मुक्त कंठ से सराहना की।

ग्रुप डिस्कशन और प्रैक्टिकल एक्टिविटी से सीखीं बारीकियां; रिसोर्स पर्सन ने दिया मार्गदर्शन

इस दो दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन सीबीएसई की मुख्य रिसोर्स पर्सन ज्योति खरबंदा और अनामिका ने बेहद रोचक और सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से अध्यापकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों को समझाया कि कैसे सीनियर सेकेंडरी स्तर पर रसायन विज्ञान जैसे जटिल विषय को रट्टा मार पद्धति से हटाकर ‘दक्षता आधारित शिक्षण’ की तरफ ले जाया जाए।

कार्यशाला में मूल्यांकन (असेसमेंट) की आधुनिक और पारदर्शी तकनीकों के साथ-साथ लैब एक्टिविटीज को क्लासरूम से जोड़ने के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान नीरसता को दूर करने के लिए समूह चर्चा (ग्रुप डिस्कशन), गतिविधि आधारित अधिगम और सर्वश्रेष्ठ शिक्षण अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया, जिसमें सभी 60 प्रतिभागी शिक्षकों ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ भाग लिया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति स्कूल की प्रतिबद्धता; भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन

पहल के बारे में बात करते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने कहा कि संजय गांधी मेमोरियल स्कूल हमेशा से ही विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा देने और शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास (Professional Development) के पक्ष में रहा है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि सीबीएसई ने इस महत्वपूर्ण और बड़े स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उनके विद्यालय को केंद्र के रूप में चुना। प्रधानाचार्य ने बोर्ड का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि स्कूल भविष्य में भी शिक्षकों और छात्रों के बौद्धिक उत्थान के लिए ऐसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।