Success Story: हफ्ते में मात्र 8 घंटे काम और महीने की कमाई 3 लाख! ब्रिटेन की इस छात्रा ने कर दिखाया कमाल
23 साल की स्कारलेट ने पॉकेट मनी के संकट से ढूंढ निकाला बिजनेस आइडिया
Success Story: क्या कोई स्टूडेंट पढ़ाई के दबाव के बीच महज कुछ घंटे पार्ट-टाइम काम करके हर महीने लाखों रुपये कमा सकता है? सुनने में यह किसी काल्पनिक कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन ब्रिटेन की 23 वर्षीय छात्रा स्कारलेट नेशन ने इसे सच कर दिखाया है।
स्कारलेट के पास न तो कोई आलीशान ऑफिस है और न ही उन्होंने कोई भारी-भरकम निवेश किया है। उन्होंने सिर्फ अपनी सूझबूझ से कबाड़ समझे जाने वाले पुराने कपड़ों की रीसेलिंग (खरीद-बिक्री) को मोटी कमाई का जरिया बना लिया है। आज वह बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी पढ़ाई के साथ-साथ ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी रही हैं।
तंगी के दिनों में सूझा आइडिया; 40 पाउंड के बंडल ने बदल दी किस्मत
यूनिवर्सिटी में बिजनेस और फाइनेंस की पढ़ाई कर रहीं स्कारलेट जब अपने घर से दूर रहने आईं, तो बाकी छात्रों की तरह उनके सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया। मकान का किराया, खाने-पीने का खर्च और पुराने पेंडिंग पड़े बिलों के बोझ के चलते पॉकेट मनी कम पड़ने लगी थी।
इसी तंगी के बीच एक दिन सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए स्कारलेट की नजर फेसबुक मार्केटप्लेस पर पड़े कपड़ों के एक विंटेज बंडल पर गई। इस बंडल में करीब 120 पुराने कपड़े थे, जिनकी कीमत महज 40 पाउंड (लगभग 4300 रुपये) थी। स्कारलेट ने जोखिम लिया और वह बंडल खरीद लाईं।
पहली ही ड्रेस ने निकाली पूरी लागत, एक हफ्ते में कर डाली बंपर सेल
चमत्कार तब हुआ जब स्कारलेट ने उस बंडल से निकालकर एक अच्छी विंटेज ड्रेस को ऑनलाइन रीसेल प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किया। वह अकेली ड्रेस 50 पाउंड में बिक गई, यानी पहली ही सेल में पूरे लॉट की कीमत वसूल हो गई। इसके बाद स्कारलेट का हौसला बढ़ा और उन्होंने बाकी कपड़ों की तस्वीरें खींचकर इंटरनेट पर डालना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते पहले ही हफ्ते में उन्होंने 2,000 पाउंड (करीब 2.15 लाख रुपये) से ज्यादा का कारोबार कर लिया। इसके बाद स्कारलेट को समझ आ गया कि यह सिर्फ कोई पार्ट-टाइम शौक नहीं, बल्कि मुनाफे की बड़ी खदान है।
स्मार्ट वर्क का दौर: सीजनल फैशन पकड़कर कमाती हैं मोटा मुनाफा
आज स्कारलेट का यह बिजनेस मॉडल पूरी तरह सेट हो चुका है। वह फेसबुक मार्केटप्लेस और विंटेज होलसेल वेबसाइट्स से सस्ते दामों पर लॉट के भाव कपड़े उठाती हैं, उन्हें अच्छे से साफ-सुथरा करती हैं और बेहतरीन फोटोग्राफी के साथ ऑनलाइन रीसेल ऐप्स पर लिस्ट कर देती हैं। स्कारलेट बताती हैं कि वह मुख्य रूप से विंटेज जैकेट, क्रोशिया स्टाइल के कपड़े और लो-वेस्ट शॉर्ट्स बेचती हैं।
वे मौसम और रंगों के हिसाब से डिमांड को भांप लेती हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि इस पूरे काम के लिए वह हफ्ते में सिर्फ 8 घंटे निकालती हैं, बाकी का समय वह अपनी पढ़ाई और घूमने-फिरने में बिताती हैं।
किताबों की पढ़ाई अब रियल लाइफ में आ रही काम, दूसरों को भी दे रहीं ट्रेनिंग
स्कारलेट का कहना है कि इस रीसेलिंग बिजनेस ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया है। यूनिवर्सिटी की किताबों में वह जो मार्केटिंग, कस्टमर रिलेशनशिप और टैक्स मैनेजमेंट के सिद्धांत पढ़ती हैं, उन्हें वह हर दिन अपने इस छोटे से स्टार्टअप में लाइव महसूस करती हैं।
स्कारलेट की इस शानदार सफलता को देखकर उनकी यूनिवर्सिटी के कई अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपने पुराने कपड़े ऑनलाइन बेचना और रीसेलिंग का काम शुरू कर दिया है। स्कारलेट अब सोशल मीडिया के जरिए इन युवाओं को ग्रूम कर रही हैं और उनका इरादा डिग्री मिलने के बाद भी इस काम को बड़े स्तर पर जारी रखने का है।
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