July 5, 2026

Rajasthan News: झुंझुनूं में करोड़ों रुपये लेकर फरार एटीएम दो कैश लोडर, ड्राइवर के घर खड़ी मिली कैश वैन

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Rajasthan News: झुंझुनूं में करोड़ों रुपये लेकर फरार एटीएम दो कैश लोडर, ड्राइवर के घर खड़ी मिली कैश वैन

झुंझुनूं में करोड़ों रुपये लेकर फरार एटीएम दो कैश लोडर

Rajasthan News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एटीएम में नकदी भरने वाली कंपनी से जुड़े दो कर्मचारियों पर 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार होने का आरोप लगा है। कंपनी की तीन दिन तक चली आंतरिक जांच में 28 एटीएम का ऑडिट किया गया, जिसमें 9 एटीएम में कैश से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। सबसे गंभीर मामला तीन ऐसे एटीएम का मिला, जहां रिकॉर्ड में कैश लोडिंग दर्ज थी, लेकिन जांच में वहां नकदी नहीं मिली। इन तीन मशीनों में ही करीब 59.50 लाख रुपये की कमी सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

दोनों कर्मचारी एक ही गांव के, साथ मिलकर संभालते थे कैश लोडिंग का काम
जांच के अनुसार मुख्य आरोपी सुमेर सिंह नवंबर 2025 में कंपनी से जुड़ा था। इसके बाद मार्च 2026 में उसने अपने गांव सुजडोला निवासी संदीप सिंह को भी नौकरी दिलवाई। दोनों एक ही कैश लोडिंग टीम में काम करने लगे और रोजाना अलग-अलग बैंकों के एटीएम में नकदी भरने की जिम्मेदारी निभाते थे। लगातार काम करने के दौरान दोनों ने कैश लोडिंग की पूरी प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न एटीएम के लेनदेन का पैटर्न समझ लिया था।

25 जून को कैश लेकर निकले, फिर शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 25 जून को दोनों कर्मचारी बैंक से नकदी लेकर निर्धारित एटीएम में कैश भरने के लिए निकले थे। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्होंने ड्राइवर और गनमैन को वापस भेज दिया और खुद कैश वैन लेकर अलग-अलग एटीएम तक पहुंचे। इसके बाद कुछ मशीनों में पूरी नकदी नहीं डाली गई, कुछ में कम रकम डाली गई और तीन एटीएम में रिकॉर्ड के विपरीत कैश लोड ही नहीं किया गया।

व्यस्त एटीएम को बनाया योजना का हिस्सा
कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जिन एटीएम में रोजाना अधिक ट्रांजेक्शन होते थे, उनमें कुछ मात्रा में कैश डाला गया ताकि मशीनें तुरंत खाली न हों। इससे बैंक की ओर से तत्काल कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ और कंपनी को भी शुरुआती दो दिनों तक गड़बड़ी का पता नहीं चल सका। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि आरोपियों ने समय और निगरानी व्यवस्था का आकलन कर पूरी योजना बनाई थी।

48 घंटे तक नहीं चला गड़बड़ी का पता
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि करीब 48 घंटे तक कंपनी को कथित गड़बड़ी की जानकारी नहीं मिली। बाद में नियमित ऑडिट और एटीएम मिलान के दौरान नकदी में अंतर सामने आया। इसके बाद सभी संबंधित एटीएम की जांच की गई, जिसमें करोड़ों रुपये की कमी का खुलासा हुआ। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई कैश वैन बाद में ड्राइवर के घर के बाहर खड़ी मिली, जबकि दोनों कर्मचारी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस और कंपनी दोनों कर रही हैं जांच
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। कंपनी भी पूरे कैश लोडिंग रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक लॉग और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि यह केवल गबन का मामला है या पूरी कैश लोडिंग व्यवस्था की जानकारी का इस्तेमाल कर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया।

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