Kurukshetra News: ‘सफेद कपड़ों में सच्चे संत थे गुलजारी लाल नंदा’, जयंती पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने किया नमन
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की नींव रखने वाले भारत रत्न नंदा जी को किया याद
Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के आधुनिक विकास की नींव रखने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न दिवंगत गुलजारी लाल नंदा की जयंती पर आज उन्हें कृतज्ञता के साथ याद किया गया। थानेसर के विधायक और हरियाणा के पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा शनिवार को कुरुक्षेत्र स्थित ‘सदाचार स्थल’ पहुंचे, जहां उन्होंने नंदा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इस मौके पर उनके साथ नगर पार्षद मनु जैन, सुभाष मिर्जापुर, विवेक भारद्वाज डब्बू समेत कई पूर्व पार्षदों और स्थानीय नेताओं ने भी नंदा जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
राजनीति में संत परंपरा के प्रतीक थे नंदा जी, ब्रह्मसरोवर की भव्यता उन्हीं की देन
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अशोक अरोड़ा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि गुलजारी लाल नंदा राजनीतिक शुचिता की मिसाल थे और सफेद कपड़ों में सही मायनों में एक सच्चे संत थे।
देश के प्रधानमंत्री जैसी सर्वोच्च जिम्मेदारी संभालने के बाद भी उनका धर्म, संस्कृति और कुरुक्षेत्र की इस पावन धरा के प्रति गहरा अनुराग था। अरोड़ा ने याद दिलाया कि नंदा जी ने ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) की स्थापना करवाई थी। उन्हीं की दूरगामी सोच का नतीजा है कि आज विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर अपने इस अलौकिक और भव्य स्वरूप में पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय भी नंदा जी के ही विजन का नतीजा
पूर्व मंत्री ने नंदा जी के सामाजिक और शैक्षणिक अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आज कुरुक्षेत्र में जो श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय खड़ा है, उसकी पहली ईंट भी नंदा जी ने ही रखी थी। उन्होंने यहां सबसे पहले श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज की शुरुआत की थी, जिसे बाद में हरियाणा सरकार ने अपने हाथ में लिया और आज वह एक बड़े विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है।
अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के विकास की जो मजबूत बुनियाद नंदा जी ने रखी थी, उसे बाद की सभी सरकारों ने आगे बढ़ाने का काम किया। आज हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर धर्मनगरी के विकास को मिलकर नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
जयंती पर लगा रक्तदान शिविर; अरोड़ा बोले- जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम
इस खास अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने इस मानवीय पहल की खुलकर सराहना की।
उन्होंने शिविर का दौरा कर रक्तदाताओं की पीठ थपथपाई और कहा कि रक्त की एक-एक बूंद किसी तड़पते हुए इंसान को नई जिंदगी दे सकती है। महादान के इस पुनीत कार्य में हिस्सा लेने वाले युवाओं को उन्होंने भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। नंदा जी के आदर्शों पर चलने का आह्वान करते हुए नेताओं ने उनके बताए सदाचार के मार्ग पर चलने की कसम खाई।
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