Kurukshetra News: सीएम सैनी को हरियाणा से ज्यादा पंजाब-राजस्थान की चिंता, विधायक अरोड़ा ने उठाए तीखे सवाल
हरियाणा-राजस्थान जल समझौते पर भड़के अशोक अरोड़ा
Kurukshetra News: हरियाणा की सियासत में गुटबाजी को लेकर हमेशा विपक्ष को घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी खुद अपनों के ही चक्रव्यूह में घिरती नजर आ रही है। थानेसर के कांग्रेस विधायक और सूबे के पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने भाजपा के भीतर सुलग रही आंतरिक कलह को लेकर करारा हमला बोला है।
अरोड़ा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई बड़ी रैली से इलाके के कद्दावर नेता, क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित तीन स्थानीय विधायकों ने पूरी तरह दूरी बना ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भाजपा नेता चौबीसों घंटे कांग्रेस में गुटबाजी का रोना रोते हैं, आज उनके अपने कुनबे की लड़ाई सरेआम सड़क पर आ चुकी है।
फरीदाबाद से रेवाड़ी तक अंतर्कलह; राव नरबीर और राव इंद्रजीत की तल्खी जगजाहिर
चंडीगढ़ और दिल्ली के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं को हवा देते हुए अशोक अरोड़ा ने फरीदाबाद की एक हालिया घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर मंत्रियों में इस कदर होड़ मची है कि एक मंत्री पहले ही उद्घाटन करके निकल जाते हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री उसके ठीक 10 मिनट बाद उसी जगह दोबारा पहुंचते हैं।
अरोड़ा ने खुलकर कहा कि कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बीच की सियासी अदावत अब किसी से छिपी नहीं है। रेवाड़ी के जलसे से इन बड़े चेहरों और सैकड़ों जिला पदाधिकारियों का नदारद रहना यह साफ करता है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
रोजगार योजना और राम मंदिर के नाम पर राजनीति का आरोप
राजनीतिक खींचतान से इतर विधायक अरोड़ा ने सरकार की नई ‘बीवी जीरामजी’ (BV Jiramji) रोजगार योजना को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि हुड्डा सरकार के समय कांग्रेस ने मनरेगा के जरिए ग्रामीणों को 100 दिन के पक्के रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, जिसमें 90 फीसदी बजट केंद्र देता था।
अब भाजपा 125 दिन काम का ढिंढोरा तो पीट रही है, लेकिन इसमें रोजगार की कोई लीगल गारंटी नहीं है। ऊपर से इस योजना में 60 फीसदी का भारी-भरकम बोझ राज्य सरकार पर डाल दिया गया है, जो अंततः मजदूरों का हक मारेगी। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल राम और धर्म के नाम पर वोट बटोरना जानती है, जबकि पूरे देश की आस्था के प्रतीक अयोध्या मंदिर के चंदे में भी गड़बड़ी की खबरें आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘अपने प्यासे, दूसरों को पानी’; राजस्थान जल समझौते पर उठाए गंभीर सवाल
अशोक अरोड़ा ने हरियाणा और राजस्थान के बीच हुए हालिया जल समझौते पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सूबे की सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को अपने गृह राज्य हरियाणा की बजाय राजस्थान और पंजाब के सियासी हितों की ज्यादा फिक्र सता रही है।
अरोड़ा के मुताबिक, जिस अधिशेष पानी को राजस्थान भेजने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, वास्तव में उसकी सबसे ज्यादा दरकार हमारे अपने दक्षिणी हरियाणा को है, जहां के किसान और आम जनता लंबे समय से पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। सरकार को दूसरों की चिंता छोड़कर पहले अपने प्रदेश के सूखे खेतों की प्यास बुझानी चाहिए।
यह भी पढ़ें– Haryana HTET Exam: हरियाणा के 19 जिलों में एचटेट परीक्षा शुरू, केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा के सख्त इंतजाम
