International Jat Dharmashala Kurukshetra: अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला ने पेश की अनूठी मिसाल, 36 बिरादरी के मेधावियों को एक मंच पर किया सलाम
UPSC टॉपर्स एकांश ढुल और सिमरनजीत कौर समेत कई हस्तियां सम्मानित
International Jat Dharmashala Kurukshetra: हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी कुरुक्षेत्र में रविवार को मेधावी युवाओं और शोधार्थियों की हौसलाअफजाई के लिए एक बेहद गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला द्वारा आयोजित इस ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी एक वर्ग नहीं, बल्कि समाज की 36 बिरादरी से आने वाले उन तमाम होनहारों को मंच दिया गया जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े हैं। आयोजन ने न केवल शिक्षा और प्रतिभा का जश्न मनाया, बल्कि समाज में एकजुटता और भाईचारे का एक बेहद मजबूत संदेश भी दिया।
आईजी पंकज नैन ने थपथपाई होनहारों की पीठ
समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे हरियाणा पुलिस के आईजी पंकज नैन ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि मेधावी छात्रों को सम्मानित करना केवल उनकी पुरानी उपलब्धियों की सराहना करना नहीं है, बल्कि यह आने वाली नई पीढ़ी के भीतर आगे बढ़ने की एक नई ललक पैदा करने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के दौर में शिक्षा, गंभीर शोध और नए आविष्कार (नवाचार) ही भारत को विकसित बनाने के सबसे बड़े औजार हैं। कार्यक्रम में डॉ. चित्रलेखा शर्मा, डॉ. सतबीर कादियान और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. धर्मपाल भारद्वाज सहित कई प्रबुद्ध हस्तियों ने भी विचार रखे।
यूपीएससी के टॉपर्स और वैज्ञानिकों का हुआ जमावड़ा
समारोह के दौरान जब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में देश भर में तीसरा स्थान पाने वाले एकांश ढुल, 15वीं रैंक हासिल करने वाली सिमरनजीत कौर और 30वीं रैंक लाने वाली निकिता वर्मा मंच पर पहुंचे, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इनके साथ ही स्वाति आर्य, शगुन मेहरा, अध्ययन बाजपेयी, अनन्य राणा और जयंत गर्ग जैसे नव-नियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों को भी विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।
सिर्फ सिविल सेवा ही नहीं, बल्कि विज्ञान और नीति निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाली हस्तियों ने भी इस समारोह की शोभा बढ़ाई।
इनमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) की साइंटिफिक ऑफिसर प्रियंका चहल, विश्व बैंक में बतौर भारतीय अर्थशास्त्री कार्यरत गरिमा नैन, भूवैज्ञानिक अभिनव पुनिया और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार सोनल नैन शामिल रहे।
मेधावियों को मिली प्रोत्साहन राशि, नई लाइब्रेरी की शुरुआत
आयोजन के दौरान यूजीसी-नेट जेआरएफ क्लियर करने वाले शोधार्थियों के साथ-साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं की भी हौसलाअफजाई की गई। स्वतंत्र समूह सेवा समिति और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्र एसोसिएशन ने आगे की पढ़ाई के लिए इन मेधावी छात्रों को नकद प्रोत्साहन राशि भी भेंट की। इसी कड़ी में छात्रों को पढ़ाई का बेहतर माहौल देने के लिए धर्मशाला परिसर में ‘रहबरे आज़म दीनबंधु सर छोटूराम लाइब्रेरी’ का भी विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसे लेकर उम्मीद जताई गई कि यह भविष्य के अफसरों को तैयार करने का बड़ा केंद्र बनेगी।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने देश-विदेश से आए अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समाज के असली हीरों को पहचानना और उन्हें तराशना धर्मशाला की पुरानी परंपरा रही है और आने वाले दिनों में भी युवा सशक्तिकरण के ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। मंच का कुशल संचालन अक्षय नरवाल ने किया। इस मौके पर उपप्रधान बनी सिंह ढुल, सचिव हरिकेश सहारण, कैशियर नरेंद्र नैन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद् और समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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