Bhupinder Singh Hooda Rohtak: हुड्डा का बड़ा हमला- ‘भाजपा ने हरियाणा को साढ़े 5 लाख करोड़ के कर्ज में डुबोया, ब्याज भरने में जा रहा पैसा’
पहले पंजाब से हक का पानी लाए सरकार, फिर राजस्थान से करे समझौता— भूपेंद्र सिंह हुड्डा
Bhupinder Singh Hooda Rohtak: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में मीडिया से मुखातिब होते हुए सूबे की भाजपा सरकार की नीतियों और नीयत पर तीखे तीर चलाए हैं। हुड्डा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में घोटालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।
उन्होंने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल 1966 से लेकर 2014 तक यानी लगभग पांच दशकों में तमाम सरकारों ने हरियाणा पर कुल 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा था। लेकिन भाजपा ने अपने शासनकाल में इस कर्ज को बढ़ाकर साढ़े 5 लाख करोड़ रुपये के डरावने आंकड़े तक पहुंचा दिया है। हुड्डा ने तंज कसा कि आज स्थिति यह है कि सरकार जो नया कर्ज उठा रही है, उसका 90 फीसदी हिस्सा सिर्फ पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में ही स्वाहा हो रहा है।
‘धान गायब, गेहूं नदारद और बैंकों से पैसा साफ’— हुड्डा के गंभीर आरोप
प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर बरसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के रोजगार और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
सरकारी खरीद की पोल खोलते हुए उन्होंने दावा किया कि इस बार जो धान खरीदा गया, वह कागजों से आगे जमीन पर दिखा ही नहीं; गोदामों से गेहूं गायब हो गया और यहां तक कि बैंकों से सीधे पैसे गायब होने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन उदाहरणों से साफ समझा जा सकता है कि सरकार किस ढर्रे पर चल रही है।
राम मंदिर आस्था का केंद्र, भाजपा इसकी ठेकेदार कैसे बन गई?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सबसे कड़ा हमला राम मंदिर के कथित चढ़ावे विवाद को लेकर रहा। हुड्डा ने तीखे लहजे में कहा, “राम मंदिर का तो भाजपा चढ़ावा ही हजम कर गई। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि नृपेंद्र मिश्रा का बयान है कि मंदिर में चोरी नहीं बल्कि सरेआम डाका डाला गया है।
” उन्होंने आरएसएस प्रमुख के बयानों का परोक्ष संदर्भ देते हुए कहा कि संघ के भीतर से भी ऐसी आवाजें उठ रही हैं कि ऐसा कृत्य पहले कभी नहीं देखा गया। हुड्डा ने मांग की कि चूंकि यह मामला करोड़ों हिंदुओं और देशवासियों की अटूट आस्था से जुड़ा है, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की सुपरविजन में एक विशेष कमेटी बनाकर कराई जानी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि राम सबके हैं और भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीतिक ठेकेदारी बंद करनी चाहिए।
पंजाब से पानी और इथेनॉल नीति पर भी दागे सवाल
एसवाईएल (SYL) और पानी के बंटवारे के मुद्दे पर भी हुड्डा पीछे नहीं रहे। राजस्थान के साथ पानी के समझौते की बात करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जो सरकार पंजाब से हमारे हक का पानी नहीं ला पा रही, वह दूसरों को क्या देगी? अगर पाइप लगाकर पानी देने की योजनाएं बन रही हैं, तो सबसे पहले पंजाब से पाइप के जरिए हरियाणा के हिस्से का पानी लाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने ग्राउंड रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल में इथेनॉल मिलाने की नीति से गाड़ियों और किसानों के नलकूपों के इंजन तेजी से खराब हो रहे हैं, जिससे आम जनता पर दोहरी मार पड़ रही है। भूमि अधिग्रहण नीति का जिक्र करते हुए हुड्डा ने याद दिलाया कि कांग्रेस राज की हुड्डा सरकार की पॉलिसी का किसी ने विरोध नहीं किया था, क्योंकि उसमें किसानों का हित सर्वोपरि था, जबकि भाजपा की नीयत ही काम करने की नहीं है।
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