Yamunanagar News: पहली ही बारिश में डूबा शहर, बंद मिले पंपिंग स्टेशन पर भड़कीं मेयर सुमन बहमनी
जगाधरी निगम की लापरवाही, पहली ही बारिश में डूबा शहर
Yamunanagar News: कहते हैं कि बारिश केवल मौसम नहीं बदलती, बल्कि प्रशासनिक दावों की हकीकत भी सतह पर ला देती है. जगाधरी में दो दिन पहले हुई सीजन की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के उन तमाम ‘प्री-मानसून’ प्रबंधों की कलई खोलकर रख दी है, जिन पर कागजों में लाखों रुपये बहा दिए गए. शहर के आधे से ज्यादा इलाके जलभराव के कारण जब घुटनों तक पानी में डूब गए, तो प्रशासनिक अमले की नींद टूटी. जनभावनाओं के बढ़ते दबाव के बीच मंगलवार को मेयर सुमन बहमनी खुद अधिकारियों के लश्कर के साथ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने सड़कों पर उतरीं. लेकिन निरीक्षण के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, उसने निगम की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि संकट के समय शहर को डूबने से बचाने वाला जोडियो स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) खुद ही ‘बीमार’ होकर बंद पड़ा मिला.
ग्राउंड जीरो पर खुली अव्यवस्था की परतें; ससौली रोड से तिलक नगर तक हाहाकार
मेयर सुमन बहमनी ने अपनी टीम के साथ स्टार्च मिल नाले, जोगिंद्र नगर, ससौली रोड और तिलक नगर जैसे उन तमाम संवेदनशील इलाकों का दौरा किया, जहां दो दिन पहले जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था. निरीक्षण के दौरान साफ दिखा कि नालों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई थी. नाले गाद और पॉलीथीन से अटे पड़े थे, जिसके कारण बरसाती पानी आगे बढ़ने के बजाय बैक मारकर गलियों और लोगों के घरों में घुस रहा था.
पाइपलाइन जाम का बहाना: जब मेयर जोडियो स्थित मुख्य पंपिंग स्टेशन पर पहुंचीं, तो वहां सन्नाटा पसरा था. स्टेशन चालू न होने का कारण पूछने पर वहां मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों ने घिसे-पिटे तकनीकी बहानों की ढाल लेते हुए कहा कि मुख्य पाइपलाइन जाम है और कुछ मशीनरी में खराबी आ गई है. इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर मेयर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और दो टूक कहा कि मानसून सिर पर है और ऐसे में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर शहर को डूबने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.
कागजी सफाई पर जवाब-तलब; अब लापरवाही मिली तो सीधे नपेंगे अधिकारी
मेयर ने मौके पर ही मौजूद स्वास्थ्य और सेनेटरी विंग के अधिकारियों से पूछा कि जब मानसून से पहले नालों की सफाई का बजट पास हो चुका था, तो जमीनी स्तर पर यह गाद क्यों दिखाई दे रही है? उन्होंने कड़े लहजे में कहा,
“शहरवासियों को टैक्स देने के बाद भी अगर जलभराव की समस्या झेलनी पड़े, तो यह बर्दाश्त से बाहर है. अगले 7 दिनों के भीतर मुझे जोडियो पंपिंग स्टेशन हर हाल में चालू चाहिए. अगर इसके बाद भी किसी इलाके में पानी खड़ा रहा, तो संबंधित अधिकारी या सफाई एजेंसी के खिलाफ सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
मेयर के सख्त रुख के बाद आनन-फानन में कई जगहों पर जेसीबी मशीनों को लगाकर नालों से गाद निकालने का काम शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह सात दिन का अल्टीमेटम जगाधरी को आने वाली अगली भारी बारिश में डूबने से बचा पाएगा या फिर जनता को एक बार फिर प्रशासनिक नाकामी का शिकार होना पड़ेगा.
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