July 10, 2026

Haryana Online Transfer: अब सिफारिश से नहीं मेरिट से होंगे तबादले, हरियाणा के सभी सरकारी संगठनों को नई मॉडल पॉलिसी अपनाने के निर्देश

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Haryana Online Transfer: अब सिफारिश से नहीं मेरिट से होंगे तबादले, हरियाणा के सभी सरकारी संगठनों को नई मॉडल पॉलिसी अपनाने के निर्देश

अब तबादलों में नहीं चलेगी मनमर्जी

Haryana Online Transfer: हरियाणा के सरकारी महकमों, बोर्डों और निगमों में अब मर्जी के मुताबिक तबादले करवाना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने प्रशासनिक ढर्रे में बड़ा सुधार करते हुए ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 2026’ को हरी झंडी दे दी है। मुख्य सचिव की ओर से जारी एक बेहद महत्वपूर्ण पत्र में सभी संबंधित संस्थाओं को इस नई नीति को तुरंत अपनाने या इसके तय मानकों के हिसाब से अपनी तबादला नीति में बदलाव करने की हिदायत दी गई है। सरकार ने इस पूरे मामले को ‘मोस्ट अर्जेंट’ (अति आवश्यक) घोषित किया है, जिससे साफ है कि इस व्यवस्था को लागू करने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 25 जून 2026 को अधिसूचित हुई यह नई नीति अब 2025 की पुरानी नीति की जगह ले चुकी है।

हाईकोर्ट की टिप्पणियों के बाद जागी सरकार, मनमर्जी की नीतियों पर लगेगा अंकुश

दरअसल, अब तक राज्य के कई बोर्ड और निगम अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग तबादला नीतियां चला रहे थे, जिससे अक्सर विसंगतियां सामने आती थीं और मामले अदालत तक पहुंच जाते थे। सरकार ने साफ किया है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर की गई सख्त टिप्पणियों और प्रशासनिक सुधारों को ध्यान में रखते हुए ही मानदंडों में यह बदलाव किया गया है। अब सभी बोर्डों और निगमों को अपनी मौजूदा नीतियों की समीक्षा करनी होगी। सरकार का सीधा संदेश है कि प्रशासनिक व्यवस्था में एकरूपता लाई जाए ताकि कर्मचारियों के अधिकारों का हनन न हो और ट्रांसफर में राजनीतिक या व्यक्तिगत रसूख का खेल खत्म हो सके।

विशेष परिस्थितियों में छूट, लेकिन मूल सिद्धांतों से समझौता नहीं

सरकार ने नीति को व्यावहारिक बनाने के लिए कुछ लचीलापन भी रखा है। पत्र के अनुसार, यदि किसी बोर्ड या निगम के पास कोई ठोस कानूनी या प्रशासनिक कारण है, जिसकी वजह से मॉडल नीति को हूबहू लागू करना मुमकिन नहीं है, तो वे अपनी अलग नीति का मसौदा तैयार कर सकते हैं। हालांकि, इसमें भी एक पेंच है—नई बनाई जाने वाली नीति के मूल सिद्धांत, दिशा-निर्देश और योग्यता आधारित (मेरिट) मानक बिल्कुल वही होने चाहिए जो सरकार की मुख्य नीति में हैं। इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को जल्द से जल्द संबंधित बोर्ड या सक्षम प्राधिकारी के सामने मंजूरी के लिए रखना होगा।

मानव संसाधन विभाग रखेगा सीधी नजर, पारदर्शी व्यवस्था बनाने का दावा

नई नीति को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंजूरी मिलने के बाद सभी विभागों को अपनी स्वीकृत नीति की एक प्रति सीधे मानव संसाधन विभाग (HRD) को भेजनी होगी। इस पूरी कवायद के पीछे सरकार का उद्देश्य ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक आधारित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को अपनी पसंद और पात्रता के आधार पर ऑनलाइन आवेदन का मौका मिलेगा, जिससे भ्रष्टाचार और सिफारिशी संस्कृति पर काफी हद तक लगाम लगने की उम्मीद है।

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