Monsoon Footwear Care: बारिश में भीग गए हैं महंगे जूते? इन घरेलू ट्रिक्स से रातों-रात चमकाएं अपनी पसंदीदा जोड़ी
गीले जूतों को सुखाने का सबसे फास्ट और सेफ तरीका
Monsoon Footwear Care: बारिश की रिमझिम फुहारें खिड़की से देखने में जितनी सुहानी लगती हैं, सुबह-सुबह दफ्तर या काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलते ही उतनी ही बड़ी आफत बन जाती हैं। जलभराव और कीचड़ के इस दौर में सबसे ज्यादा मार हमारे जूतों पर पड़ती है। एक बार अगर जूते पानी से लबालब हो जाएं, तो उन्हें दोबारा पहनने लायक बनाने में दो से तीन दिन का वक्त लग जाता है। गीले जूतों से न सिर्फ पैरों में इन्फेक्शन का खतरा रहता है, बल्कि उनसे आने वाली तीखी बदबू पूरी महफिल में आपको शर्मिंदा कर सकती है। अगर आप भी इस मानसूनी किचकिच से परेशान हैं, तो अनुभवी कद्रदानों और फुटवियर एक्सपर्ट्स के ये 7 नुस्खे आपके बेहद काम आने वाले हैं।
1. रद्दी अखबार की जादुई सोखने की क्षमता
जैसे ही आप भीगे जूते लेकर घर लौटें, सबसे पहले उनके भीतर सूखे अखबार के गोलों को अच्छी तरह ठूंस दें। अखबार जूतों के भीतर मौजूद अतिरिक्त पानी को स्पंज की तरह सोख लेता है। ध्यान रहे, अगर जूते ज्यादा भीगे हैं तो हर दो-तीन घंटे में अखबार बदलते रहें। बस एक बात की एहतियात बरतें—सफेद या हल्के रंग के स्नीकर्स में रंगीन या ज्यादा स्याही वाले मैगजीन के पन्नों का इस्तेमाल न करें, वरना उनका रंग जूतों पर चढ़ सकता है।
2. फीते और इनसोल को करें जुदा
अक्सर लोग पूरा का पूरा जूता ही सूखने के लिए छोड़ देते हैं, जो कि गलत तरीका है। जूतों के फीते और उनके अंदर बिछे कुशन वाले इनसोल (Insole) सबसे ज्यादा पानी रोककर रखते हैं। जूतों को खोलते ही इन दोनों चीजों को बाहर निकाल लें। ऐसा करने से जूतों के भीतर हवा जाने का रास्ता साफ हो जाता है और जूता अंदरूनी सतह से जल्दी सूखता है।
3. सीधे हीटर नहीं, पंखे की हवा है मुफीद
जूतों को जल्दी सुखाने के चक्कर में कई लोग उन्हें रूम हीटर के आगे रख देते हैं या हेयर ड्रायर की गर्म हवा मारने लगते हैं। यह शॉर्टकट जूतों को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकता है। तेज गर्मी से जूतों का लेदर चटक जाता है और उनका फैब्रिक सिकुड़ जाता है। इसके बजाय जूतों को सीलिंग फैन या टेबल फैन की सीधी हवा के नीचे रखें। प्राकृतिक और निरंतर मिलने वाली हवा जूतों के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें सुखाती है।
4. फेंकने के बजाय संभाल कर रखें ‘सिलिका जेल’
जब भी हम नया जूता, लैपटॉप बैग या पानी की बोतल खरीदते हैं, तो उसके डिब्बे में छोटे-छोटे सिलिका जेल के पाउच (Silica Gel Packets) निकलते हैं। इन्हें फेंकने की भूल कतई न करें। इन पाउच में नमी को पूरी तरह खींचने की गजब की क्षमता होती है। रात के वक्त जूतों के अंदर दो-तीन पाउच डाल दें, सुबह तक जूते अंदर से बिल्कुल खस्ता और सूखे मिलेंगे। खासकर महंगे लेदर शूज के लिए यह रामबाण इलाज है।
5. बेकिंग सोडा दूर करेगा सड़ांध और बैक्टीरिया
जूते जब अस्सी फीसदी तक सूख जाएं, तो उनके भीतर थोड़ा सा बेकिंग सोडा (मीठा सोडा) छिड़क कर रातभर के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा न सिर्फ बची-खुची सीलन को खत्म करता है, बल्कि नमी के कारण जूतों में पनपने वाले उन बैक्टीरिया को भी मार देता है जो तीखी बदबू की मुख्य वजह होते हैं। सुबह जूतों को झाड़ लें, वे बिल्कुल फ्रेश हो जाएंगे।
6. रोटेशन पॉलिसी अपनाएं, एक ही जोड़ी पर न डालें पूरा बोझ
अगर आपका काम ऐसा है जिसमें रोज फील्ड में निकलना पड़ता है, तो मानसून के तीन महीनों के लिए कम से कम दो जोड़ी जूते जरूर रखें। एक ही जोड़ी को रोजाना पहनने से उन्हें पूरी तरह सूखने का ‘रिकवरी टाइम’ नहीं मिल पाता। अल्टरनेट डे (एक दिन छोड़कर एक दिन) पर जूते बदलने से फुटवियर की लाइफ दोगुनी हो जाती है।
याद रखें, बारिश के इस मौसम में जूतों की थोड़ी सी अतिरिक्त देखभाल न केवल आपकी जेब का खर्च बचाएगी, बल्कि आपके पैरों को भी फंगल इन्फेक्शन और बीमारियों से सुरक्षित रखेगी।
