Chandigarh News: डड्डूमाजरा के कचरे के पहाड़ पर हरियाली, वन महोत्सव से शुरू हुआ नए दौर का आगाज
डड्डूमाजरा के कचरे के पहाड़
Chandigarh News: कभी शहर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्या और बदबू का पर्याय रहा डड्डूमाजरा का कचरे का पहाड़ अब हरियाली की नई पहचान बनने जा रहा है। वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के बाद पुनर्विकसित स्थल पर शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कपूर का पौधा लगाकर पौधारोपण अभियान की शुरुआत की और कहा कि डड्डूमाजरा का यह कायाकल्प पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और सतत विकास का ऐसा मॉडल है, जिससे देश के अन्य शहर भी प्रेरणा ले सकते हैं।
प्रशासक ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजनीय माना गया है और धरती को मां का दर्जा दिया गया है। ऐसे में पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि पेड़ जीवन का आधार हैं। वे ऑक्सीजन देने के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कटारिया ने कहा कि किसी भी पौधारोपण अभियान की सफलता लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर से तय होती है। इसलिए वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण, नियमित निगरानी और दीर्घकालिक रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए नगर निगम और सभी संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना दर्शाती है कि सुनियोजित प्रयासों और दृढ़ इच्छाशक्ति से पर्यावरणीय चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ग्रीनिंग चंडीगढ़ एक्शन प्लान (जीसीएपी) पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने वन विभाग आपके द्वार अभियान के तहत नागरिकों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराने के लिए तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एन-सीएपी) के तहत वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जल छिड़काव मशीनों, जेटिंग मशीनों और अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस 11 वाहनों को भी रवाना किया। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि जिस स्थान से कभी दुर्गंध उठती थी और जहां कचरे का विशाल पहाड़ शहर की पहचान बन गया था, वहीं अब लोग स्वच्छ और हरित वातावरण का अनुभव करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों और नगर निगम की टीम के सामूहिक प्रयासों से लेगेसी वेस्ट के निस्तारण का कठिन कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। अब इस भूमि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
गृह सचिव एवं स्थानीय सरकार सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने कहा कि प्रशासक कटारिया ने पिछले वर्ष से ही पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। इसी सोच के चलते शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को भी नई दिशा मिली है। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे नगर के ठोस कचरे का टिकाऊ और वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जा सकेगा। इससे पहले वन एवं वन्यजीव विभाग के मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार) ने वन महोत्सव के तहत पूरे शहर में प्रस्तावित पौधारोपण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्थानीय प्रजातियों के पौधे बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे, ताकि चंडीगढ़ के हरित क्षेत्र और पारिस्थितिक संतुलन को और मजबूत किया जा सके।
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव में कहा कि डड्डूमाजरा लेगेसी वेस्ट साइट को अब स्वच्छ हरित प्रांगण के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण, लैंडस्केपिंग और पर्यावरण-अनुकूल अधोसंरचना विकसित कर इसे शहरी पर्यावरण संरक्षण का आदर्श केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में नगर निगम के कर्मचारियों, तकनीकी एजेंसियों, स्थानीय निवासियों और मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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