Ludhiana Jail News: लुधियाना सेंट्रल जेल में एक हवालाती की मौत, मां ने जेल प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप, FIR दर्ज
लुधियाना सेंट्रल जेल में एक हवालाती की मौत
Ludhiana Jail News: पंजाब के लुधियाना सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद 19 वर्षीय हवालाती अर्शदीप सिंह की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पटियाला के सुलर घराट (झुंगोपट्टी) निवासी अर्शदीप की तबीयत बिगड़ने पर उसे लुधियाना सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को समय पर उचित इलाज नहीं मिला और जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण उसकी जान गई। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में था अर्शदीप
पुलिस के अनुसार अर्शदीप सिंह के खिलाफ 22 मार्च 2026 को थाना दाखा में मुकदमा नंबर 61 दर्ज हुआ था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज किया गया था। इसी मामले में वह न्यायिक हिरासत के तहत लुधियाना सेंट्रल जेल में बंद था और मुकदमे की सुनवाई चल रही थी।
मृतक की मां सरबजीत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 3 जुलाई 2026 को जेल के अंदर अर्शदीप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे लुधियाना के सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई। अगले दिन 4 जुलाई को इलाका मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में अंतिम संस्कार के लिए शव परिवार को सौंप दिया गया।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
सरबजीत कौर का आरोप है कि उनके बेटे की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि जेल प्रशासन की लापरवाही और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण हुई। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में कहा कि यदि जेल के अंदर समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। यह आरोप मृतक के परिजनों की शिकायत का हिस्सा हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
परिवार की शिकायत के आधार पर लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-7 में एफआईआर नंबर 173 दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 3(5) के तहत अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर (एसआई) दिनेश कुमार को सौंपी है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, जेल प्रशासन की कार्रवाई और अन्य संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
