Pratap Nagar Wildlife Action: इंस्पेक्टर लीलू राम का पदभार संभालते ही तस्करों पर एक्शन, बाथरूम से खैर की कीमती लकड़ी बरामद
इंस्पेक्टर लीलू राम का पदभार संभालते ही तस्करों पर एक्शन
Pratap Nagar Wildlife Action: यमुनानगर के प्रताप नगर इलाके के जंगलों से बेशकीमती और प्रतिबंधित खैर की लकड़ी काटने वाले तस्करों के खिलाफ वन्य जीव विभाग (Wildlife Department) ने एक बेहद सख्त और त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग में वन्य जीव निरीक्षक (इंस्पेक्टर) के रूप में कार्यभार संभालते ही लीलू राम ने अवैध कटान और तस्करी के सिंडिकेट पर सीधा प्रहार किया है।
एक सटीक और पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए हरियाणा पुलिस की डायल-112 टीम को साथ लिया और ग्राम डारपुर में एक सुनियोजित छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई के दौरान तस्करों के होश उड़ गए, जब टीम ने एक मकान की तलाशी लेते हुए वहां के बाथरूम से अवैध रूप से छिपाकर रखे गए खैर की लकड़ी के चार भारी-भरकम टुकड़े बरामद कर लिए।
नसीम के खेत में बने मकान पर रेड, सरपंच प्रतिनिधि की मौजूदगी में खुला राज
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि विभाग को एक खास मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि डारपुर गांव में खैर के प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर ठिकाने लगाने की तैयारी चल रही है। वन्य संपदा की लूट से जुड़े इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर लीलू राम ने तुरंत एक संयुक्त रेडिंग पार्टी का गठन किया। इस टीम में डिप्टी रेंजर नरेश कुमार, वन दरोगा अनुज कुमार, हरीश धीमान, वन्य जीव रक्षक प्रदीप कुमार, सुमित कुमार, संजीव कुमार और छबील दास जैसे अनुभवी फील्ड स्टाफ को शामिल किया गया।
विभागीय टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीधे डारपुर गांव के रहने वाले नसीम (पुत्र कुरडिया) के खेत में बने मकान को चारों तरफ से घेर लिया। किसी भी कानूनी पेंच से बचने के लिए गांव के सरपंच प्रतिनिधि को मौके पर गवाह के तौर पर बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में घर के कोने-कोने की तलाशी शुरू हुई। तलाशी के दौरान जब टीम मकान के बाथरूम की तरफ बढ़ी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने दो हरे-भरे खैर के पेड़ों को काटकर, उन्हें पूरी तरह छील डाला था ताकि उनकी पहचान न हो सके, और उन लकड़ियों को चार हिस्सों में बांटकर बाथरूम के भीतर डंप किया हुआ था।
कागजी औपचारिकताएं पूरी, दो अन्य सहयोगियों के नाम आने से बढ़ेगी कड़ाई
वन्य जीव विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही बरामद की गई लकड़ी का माप-तोल किया और जब्ती की सभी अनिवार्य कानूनी और विभागीय कागजी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पूरी खेप को अपने सरकारी कब्जे में ले लिया। वन अधिनियम की प्रासंगिक और कड़क धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान इंस्पेक्टर लीलू राम ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती छानबीन और डारपुर के आसपास के ग्रामीणों से की गई खुफिया पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि यह काम अकेले नसीम का नहीं है। इस अवैध धंधे और तस्करी के तार गांव के ही दो अन्य युवकों से जुड़े हुए हैं, जिनकी पहचान इरफान उर्फ फाना (पुत्र नसीरुद्दीन) और साजिद (पुत्र शुक्रदीन) के रूप में हुई है।
वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को सीधे तौर पर चेतावनी
प्रताप नगर वन्य जीव विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि फरार चल रहे इन दोनों आरोपियों की भूमिका की सघनता से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने कटी हुई लकड़ी को आगे कहां सप्लाई करना था। इस बड़ी बरामदगी के बाद वन तस्करों के पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
इंस्पेक्टर लीलू राम ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि क्षेत्र के सरकारी या संरक्षित वनों से पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी रसूखदार या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कटाई, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ विभाग का यह सर्च ऑपरेशन आने वाले दिनों में और ज्यादा आक्रामक रूप में जारी रहेगा।
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