Chandigarh Suspicious Girl Death: सेक्टर-10 की कोठी में 18 वर्षीय युवती मृत मिली, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
चंडीगढ़ में सेक्टर-10 की कोठी में 18 वर्षीय युवती मृत मिली
Chandigarh Suspicious Girl Death: चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक कोठी में घरेलू काम करने वाली 18 वर्षीय तप्ती का शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी भेज दिया। मृतका उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गांव संतरी की रहने वाली थी और करीब एक सप्ताह पहले ही इस कोठी में काम पर लगी थी। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने कोठी मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार, तप्ती को सेक्टर-10 स्थित कोठी में 24 घंटे घरेलू काम के लिए रखा गया था। वह कोठी के अंदर ही रहती थी और उसे हर महीने 20 हजार रुपये वेतन देने की बात कही गई थी। परिवार का कहना है कि नौकरी शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद उसने असहज महसूस करना शुरू कर दिया था।
मौत से पहले बहन को किया था फोन
मृतका के जीजा विकास के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11 बजे तप्ती ने अपनी बहन प्रियंका को फोन किया था। उसने बताया कि उसका वहां मन नहीं लग रहा और उसे परेशान किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि प्रियंका ने उसे सलाह दी थी कि यदि वहां अच्छा नहीं लग रहा तो सुबह काम छोड़कर घर लौट आए। हालांकि, तप्ती ने विस्तार से कुछ नहीं बताया और थोड़ी देर बाद फोन काट दिया। इसके बाद जब परिवार ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला।
सुबह ड्राइवर ने दी मौत की सूचना
परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कोठी में काम करने वाले ड्राइवर ने फोन कर बताया कि तप्ती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। विकास का कहना है कि उन्होंने ड्राइवर से स्पष्ट कहा था कि परिवार के पहुंचने तक न तो शव को नीचे उतारा जाए और न ही घटनास्थल से कोई छेड़छाड़ की जाए। उनका आरोप है कि जब वे कोठी पहुंचे तो शव पहले ही अस्पताल भेजा जा चुका था।
परिजनों ने उठाए कई सवाल
परिवार का कहना है कि कोठी मालिक ने उन्हें बताया कि कमरे का दरवाजा खुला था। इस पर परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि कोई युवती रात में अपने कमरे में सो रही हो तो दरवाजा खुला कैसे रह सकता है। परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि तप्ती किस स्थिति में मिली थी। उनका कहना है कि यदि पुलिस के आने तक घटनास्थल को सुरक्षित रखा जाता तो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते थे। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आत्महत्या की कहानी पर भरोसा नहीं है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चंडीगढ़ पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-16 अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मौत के कारण पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई।
