Chandigarh Sector 44 Accident: चंडीगढ़ में कांस्टेबल की कार से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त, चालक घायल, समझौते के बाद मामला शांत
चंडीगढ़ में कांस्टेबल की कार से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त
Chandigarh Sector 44 Accident: चंडीगढ़ के सेक्टर-44 में शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे ने लोगों का ध्यान खींच लिया। आरोप है कि तेज रफ्तार कार चला रहे एक पुलिस कांस्टेबल ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार को आगे जाने से रोक दिया और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहे व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। बाद में उसकी पहचान कांस्टेबल हरबिंदर सिंह के रूप में हुई। घटना के बाद आसपास बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी विक्रम के मुताबिक, सेक्टर-44 के मोड़ पर ई-रिक्शा चालक मोड़ काट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही कार ने उसे टक्कर मार दी। विक्रम का आरोप है कि हादसे के बाद कांस्टेबल ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय ई-रिक्शा चालक से बहस शुरू कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों का यह भी दावा है कि वह सामान्य तरीके से बातचीत नहीं कर पा रहा था। कुछ देर बाद वह सड़क किनारे बैठ गया और किसी से फोन पर बातचीत करने लगा।
घायल चालक की लोगों ने की मदद
टक्कर के बाद ई-रिक्शा चालक के दोनों हाथों समेत शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उसे सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर बैठाया और प्राथमिक उपचार दिलाने में मदद की। इसके साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाना सेक्टर-34 ले गई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिसकर्मी होने के कारण मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि शिकायत पर आगे कार्रवाई करने के बजाय मामले को समझौते के जरिए समाप्त करने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SHO बोले- लिखित शिकायत नहीं मिली
थाना-34 के प्रभारी इंस्पेक्टर शादी लाल ने बताया कि सेक्टर-44 में सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। SHO के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था। इसी कारण पुलिस ने आगे कोई मामला दर्ज नहीं किया। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई कई बार पीड़ित पक्ष की शिकायत पर निर्भर करती है। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से समझौता कर लेते हैं और कोई लिखित शिकायत नहीं दी जाती, तो परिस्थितियों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार पुलिस की कार्रवाई सीमित हो सकती है।
